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Jodhpur News: स्कूलों में नहीं पढ़ाना पड़ा भारी, शिक्षा विभाग ने 400 से अधिक शिक्षकों को थमाया नोटिस

जेआरएफ राशि को 50 हजार प्रतिमाह करने की सिफारिश

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Education Department News: शिक्षा विभाग ने बच्चों को पढ़ाने में लापरवाही बरतने वाले 400 से अधिक शिक्षकों (Teachers) को नोटिस थमाया है. वहीं, 20 शिक्षकों का वार्षिक इंक्रीमेंट (Annual increment) भी रोक दिया गया है.

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जोधपुर. सरकारी विद्यालयों में स्टूडेंट्स को नहीं पढ़ाना शिक्षकों (Teachers) को भारी पड़ गया है. पढ़ाई में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के प्रति शिक्षा विभाग (Education Department) ने सख्त रवैया अपना लिया है. शिक्षा विभाग ने जोधपुर संभाग के 400 से अधिक शिक्षकों को बच्चों को नहीं पढ़ाने पर नोटिस थमा दिया है. वहीं 20 ऐसे शिक्षक हैं, जिनकी आगामी 1 साल के लिये वेतन वृद्धि रोक दी गई है. इस बड़ी कार्रवाई के बाद शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है.

शिक्षा विभाग के अनुसार, वर्ष 2019-20 के सत्र में दसवीं बोर्ड परीक्षा में न्यूनतम परिणाम देने वाले जोधपुर मंडल के जोधपुर, बाड़मेर और जैसलमेर जिले के 400 से अधिक शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया है. इन शिक्षकों का परिणाम न्यूनतम रहा है. उधर, कई शिक्षकों के वेतन वृद्धि पर भी रोक लगा दी गई है. जोधपुर स्कूल शिक्षा के संयुक्त निदेशक प्रेमचंद सांखला ने जोधपुर मंडल के 400 से अधिक वरिष्ठ अध्यापकों को नोटिस दिया है. इनमें 242 का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया है. उन्हें 17 सीसी नोटिस और चार्जशीट दी जाने की तैयारी की जा रही है.

20 शिक्षकों की वेतन वृद्धि रोकी
शिक्षा विभाग ने न्यूनतम परिणाम देने वाले जोधपुर मंडल के 20 शिक्षकों की वेतन वृद्धि रोक दी है. इससे शिक्षकों को बड़ा झटका लगा है. इस बार शिक्षा विभाग रिजल्ट को लेकर बेहद चिंतित है. कारण साफ है कि कोरोना संक्रमण काल में कक्षाएं संचालित नहीं हुई हैं. ऐसे में शिक्षा विभाग को डर सता रहा है कि इस बार भी परीक्षा परिणाम और न बिगड़ जाए. हालांकि, शिक्षा विभाग ने बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाने जैसे कई कार्यक्रम आयोजित किए थे, लेकिन कई बच्चे ऑनलाइन क्लासेज में शामिल ही नहीं हो पाए. लिहाजा शिक्षकों पर इस बार भी नोटिस और कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है.
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