Jodhpur: फर्जीवाड़े की हद, 35 साल की महिला ने स्वीकृत करवाई मुख्यमंत्री वृद्धावस्था पेंशन
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Jodhpur: फर्जीवाड़े की हद, 35 साल की महिला ने स्वीकृत करवाई मुख्यमंत्री वृद्धावस्था पेंशन
महिला द्वारा लिखित में माफी मांगने पर प्रशासन ने उसका वृद्धावस्था पेंशन का आदेश निरस्त कर दिया.

मुख्यमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. यहां फलौदी इलाके में 35 वर्षीय एक महिला ने फर्जीवाड़ा कर वृद्धावस्था की पेंशन स्वीकृत करवा ली. लेकिन प्रशासन की ओर से की गयी रेंडमली जांच में मामला पकड़ में आ गया.

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जोधपुर. मुख्यमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना (Chief Minister old age pension scheme) में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. यहां फलौदी इलाके में 35 वर्षीय एक महिला ने फर्जीवाड़ा कर वृद्धावस्था की पेंशन स्वीकृत करवा ली. लेकिन प्रशासन की ओर से की गयी रेंडमली जांच में मामला पकड़ में आ गया. इस पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए महिला की पेंशन को रुकवा दिया है. वहीं इस प्रक्रिया को अंजाम देने वाले ई-मित्र संचालक को एक महीने के लिये ब्लैक लिस्टेड कर उस पर 1 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

भामाशाह कार्ड से हुआ पूरे मामले का खुलासा
जानकारी के अनुसार भामाशाह कार्ड में चन्द्रशेखर कॉलोनी फलौदी निवासी महिला सीमा की जन्मतिथि 1 जनवरी 1958 लिखी हुई थी. जबकि उसके पति मांगीलाल की जन्म तिथि 20 दिसंबर 1984 लिखी थी. रेंडमली जांच में इसका खुलासा होने पर प्रशासन ने इसकी पड़तला शुरू की. प्रशासन ने महिला और ई-मित्र संचालक को बुलवाकर उनसे पूछताछ की. इस पर महिला का कहना था कि वह तो ई-मित्र के शिविर में जन आधार कार्ड बनवाने गई थी.

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आधार कार्ड में जन्मतिथि की गड़बड़ी से आया फर्जीवाड़े का आइडिया


आधार कार्ड को देख कर ई-मित्र संचालक ने कहा कि आधार कार्ड में जन्म तिथि अधिक लिखी है. मैं आपकी वृद्धवस्था पेंशन स्वीकृत करवा सकता हूं. तब मैंने उसे कागजात दे दिए और बाद में उसकी पेंशन स्वीकृत भी हो गई. लेकिन अभी तक कोई पेंशन नहीं आई है. बाद में महिला द्वारा लिखित में माफी मांगने पर प्रशासन ने उसका वृद्धावस्था पेंशन का आदेश निरस्त कर दिया. एसडीएम यशपाल आहुजा ने ई-मित्र संचालक राजेन्द्र कुमार कुम्हारों का बास वार्ड नंबर 4 पर एक हजार रुपये जुर्माना लगाया और एक माह के लिए उसका ई-मित्र ब्लैक लिस्टेड करने का आदेश जारी किया. उल्लेखनीय है कि इस तरह की सरकारी योजनाओं में पहले भी फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आती रही हैं.
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