जोधपुर में दूरदर्शन के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर रहे सुनील कुमार झा गिरफ्तार, 5 करोड़ की धोखाधड़ी का है आरोप
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जोधपुर में दूरदर्शन के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर रहे सुनील कुमार झा गिरफ्तार, 5 करोड़ की धोखाधड़ी का है आरोप
लक्ष्मण दास ने EOW में इसकी शिकायत दी और EOW ने मामला दर्ज करते हुए सुनील को गिरफ्तार कर लिया. (प्रतीकात्मक फोटो)

पुलिस के मुताबिक, सुनील ने लक्ष्मण दास वैध (Laxman Das Vaidh) को अपने झांसे में लिया और एक चैनल खोलने की बात कही. फिर 5 करोड़ रुपए ऐठ लिए.

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नई दिल्ली.  चैनल खुलवाने के नाम पर 5 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप में इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस के पूर्व अधिकारी और जोधपुर में दूरदर्शन (Doordarshan) के डिप्टी डायरेक्टर रह चुके सुनील कुमार झा (Sunil Kumar Jha) को दिल्ली पुलिस की इकोनामिक ऑफेंस विंग (EOW) ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक, सुनील ने लक्ष्मण दास वैध (Laxman Das Vaidh) को अपने झांसे में लिया और एक चैनल खोलने की बात कही. फिर 5 करोड़ रुपए ऐठ लिए.

ये 5 करोड़ आरोपी ने अपनी किसी और कंपनी में निवेश कर दिए, जिसमें आरोपी ने अपनी पत्नी को डायरेक्टर बना दिया था. लक्ष्मण दास ने EOW में इसकी शिकायत दी और EOW ने मामला दर्ज करते हुए सुनील को गिरफ्तार कर लिया. वहीं, सुनील की पत्नी के रोल की जांच की जा रही है. EOW के अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी को धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में सीबीआई ने भी गिरफ्तार किया था और जिसमें उसे कोर्ट से सजा भी हुई थी. फिलहाल, उसकी पत्नी से पूछताछ जारी है.

हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर दिया है
उधर खबर है कि कोरोना वायरस (Covid-19) की कथित दवा कोरोनिल (Coronil) को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) ने नोटिस जारी कर दिया है. मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत माहन्ती की खंडपीठ ने आयुष मंत्रालय, आईसीएमआर, पतंजलि आयुर्वेद, निम्स अस्पताल, राज्य सरकार और चिकित्सा एंव स्वास्थ्य विभाग को नोटिस जारी करके चार सप्ताह में जवाब तलब किया है. कोरोनिल दवा की लॉन्चिंग के बाद से ही उसे लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. दवा की लॉन्चिंग के 5 घंटे बाद ही आयुष मंत्रालय ने इसके प्रचार पर रोक लगा दी थी. लेकिन इस बुधवार को बाबा रामदेव ने दावा किया है कि आयुष मंत्रालय ने उनकी दवा को क्लीनचिट दे दी है.
दवा के ट्रायल में नहीं किया गया नियमों का पालन


हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता एसके सिंह ने कोर्ट को बताया कि कोरोनिल दवा के ट्रायल में नियमों की अनदेखी की गई है. ट्रायल से पहले आधिकारिक अनुमति नहीं लेने की भी बात सामने आ रही है. ऐसे में जब तक कोरोनिल दवा को लेकर लाइसेंस सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी नहीं कर ली जाती है. तब तक राजस्थान में दवा के प्रचार और बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए. इस पर कोर्ट ने मामले के सभी पक्षकारों को नोटिस जारी करके उनसे जवाब मांगा है.
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