हाईकोर्ट ने जोधपुर प्रशासन के रवैए पर की तल्ख टिप्पणी, 31 जुलाई तक आरओबी शुरू करने को कहा

याचिकाकर्ता के वकील.
याचिकाकर्ता के वकील.

जोधपुर शहर की बदहाल कानून, यातायात और सफाई व्यवस्था पर संज्ञान लेते हुए आज हाईकोर्ट के जस्टिस गोविन्द माथुर की खण्डपीठ ने प्रशासन को आडे़ हाथों लिया.

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जोधपुर शहर की बदहाल कानून, यातायात और सफाई व्यवस्था पर संज्ञान लेते हुए आज हाईकोर्ट के जस्टिस गोविन्द माथुर की खण्डपीठ ने प्रशासन को आडे़ हाथों लिया.

खण्डपीठ ने निर्माणाधीन आरओबी को 31 जुलाई तक किसी भी हालत में शुरू करने के आदेश दिए तो वहीं दूसरी ओर बरकत्तुलाह खान स्टेडियम में रखे अतिक्रमण विरोधी दस्ते के समान पर नाराजगी जताई.

इसके अलावा खण्डपीठ ने प्रशासन पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि आगामी माह में शहर में करीब पांच से दस लाख मेहमान लोक देवता बाबा रामदेव मेल में आएंगे.



शहर की साफ सफाई को लेकर कोई प्लान है या बाबा रामदेव के भरोसे ही बैठे हो? आज कोर्ट ने आरओबी को लेकर यह स्पष्ट कर दिया कि यह आरओबी जनता का है और यह किसी उद्घाटन के लिए इंतजार नहीं करेगा.
यदि 31 जुलाई रात 12 बजे तक आरम्भ नहीं हुआ तो हाईकोर्ट की अवमानना कार्रवाई के लिए तैयार रहना. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट शब्दों में कह दिया कि अवमानना का मतलब जेल समझ लेना. आज महेन्द्र लोढ़ा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट काफी तल्ख नजर आया.

सुनाई के दौरान कोर्ट में आज एडीएम प्रथम सीमा कविया, एडीसीपी यातायात बूगलाल मीणा, एसीपी यातायात रामसिंह चारण, निगम उपायुक्त, जेडीए उपायुक्त मौजूद रहे. याचिकाकर्ता महेन्द्र लोढ़ा की ओर से अधिवक्ता अनिल छंगाणी ने खण्डपीठ के समक्ष पैरवी की.

 
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