छात्रसंघ चुनाव मामले में हाइकोर्ट से फैसले के बाद छात्रों की आंखों से छलके खुशी के आंसू

राजस्थान हाई कोर्ट ने आज छात्रसंघ चुनाव मामले में राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नए नियमों की कुछ धाराओं पर रोक लगाते हुए प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने की अनुमति दी.

ETV Rajasthan
Updated: August 21, 2017, 4:51 PM IST
छात्रसंघ चुनाव मामले में हाइकोर्ट से फैसले के बाद छात्रों की आंखों से छलके खुशी के आंसू
छात्रसंघ चुनाव मामले में कोर्ट से फैसले के बाद छात्रों की आंखो से छलके खुशी के आंसू
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Updated: August 21, 2017, 4:51 PM IST
राजस्थान हाई कोर्ट ने आज छात्रसंघ चुनाव मामले में राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नए नियमों की कुछ धाराओं पर रोक लगाते हुए प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने की अनुमति दी. इस मौके पर छात्रनेताओं और उनके प्रत्याशियों की आंखो से खुशी के आंसू छलक आए.

हाईकोर्ट जस्टिस निर्मलजीत कौर ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद छात्रों के हक में फैसला सुनाया. कोर्ट के इस फैसले से छात्रों को संबल मिलेगा वहीं अब वे पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतर सकेंगे.

विश्वविद्यालय चुनाव को लेकर 2010 में लिंग्दोह कमेटी की सिफारिशों के बाद राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नए नियमों के चलते कई छात्र नेता चुनाव लड़ने से वंचित होते नजर आ रहे थे. लेकिन अध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी की प्रबल दावेदार कांता ग्वाला और प्रत्याशी अनुजा विश्नोई सहित कई प्रत्याशी हाईकोर्ट की शरण में पहुंचे थे.

(शेखर)

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First published: August 21, 2017, 4:45 PM IST
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