Jodhpur News: अब रोका जायेगा पाकिस्तान जाने वाला भारत का पानी, IGNP में शुरू हुआ महा क्लोजर

इंदिरा गांधी नहर की मरम्मत 2023 तक पूरी करनी है. 310 किलोमीटर लम्बी लिफ्ट केनाल में इस साल 90.87 किलोमीटर नहर की मरम्मत होगी.

इंदिरा गांधी नहर की मरम्मत 2023 तक पूरी करनी है. 310 किलोमीटर लम्बी लिफ्ट केनाल में इस साल 90.87 किलोमीटर नहर की मरम्मत होगी.

Maha closure in Indira Gandhi Lift Canal: इस महा क्लोजर का मकसद कैनाल की मरम्मत कर पानी की छीजत को रोकना है. नहर में टूट-फूट के कारण यह पानी पाकिस्तान (Pakistan) जाता है. यह महा क्लोजर 30 मार्च से शुरू हुआ है और यह 28 मई तक चलेगा.

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जोधपुर. पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों की प्यास बुझाने वाली इंदिरा गांधी लिफ्ट कैनाल (Indira Gandhi Lift Canal) में महा क्लोजर शुरू हो चुका है. इस महा क्लोजर (Maha closure) का मकसद पाकिस्तान (Pakistan) जाने वाले पानी को रोकना है. नहर में टूटफूट के कारण हर साल मानसून की बारिश में 10 जिलों की 100 दिन तक की प्यास बुझाने जितना पानी पाकिस्तान चला जाता है. लिहाजा तीन साल में 60-60 दिन का क्लोजर लेकर पाकिस्तान जाने वाले हमारे पानी को बचाने का अभियान शुरू किया गया है.

30 मार्च से 28 मई तक इस महा क्लोजर के दौरान इंदिरा गांधी लिफ्ट कैनाल की मरम्मत होगी. तीन बरसों में 310 किलोमीटर लंबी नहर व इसके फीडर की मरम्मत होनी है. इस साल 90.87 किलोमीटर लंबी नहर में मरम्मत का काम होगा. इस अभियान के जरिये मकसद 2023 तक भारत के पानी को पाकिस्तान जाने से रोकना है.

राजस्थान के लिये प्रतिदिन 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है

दरअसल हरिके बैराज से इस कैनाल में राजस्थान के लिये प्रतिदिन 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है. लेकिन नहर क्षतिग्रस्त होने से 4 हजार क्यूसेक पानी बर्बाद हो जाता है. वहीं बारिश के दिनों में एक लाख क्यूसेक पानी सतलज नदी में छोड़ना पड़ता है. वह पाकिस्तान चला जाता है. यह इतना पानी है जिससे राजस्थान के 10 जिलों में 100 दिन रोजाना पानी सप्लाई की जा सकती है.
नहर की मरम्मत से चार दशक तक पानी की जरूरत पूरी होगी

इंदिरा गांधी नहर की मरम्मत 2023 तक पूरी करनी है. 310 किलोमीटर लम्बी लिफ्ट केनाल में इस साल 90.87 किलोमीटर नहर की मरम्मत होगी. इसमें पंजाब में 41 किलोमीटर, हरियाणा में 10.67 किलोमीटर और राजस्थान में 13.4 किलोमीटर मुख्य नहर की मरम्मत होगी. इस योजना पर काम पूरा होने के बाद चार दशक तक प्रदेश के दस जिलों को पीने का पानी मिलता रहेगा.

इस तरह होगी इंदिरा गांधी लिफ्ट कैनाल की मरम्मत व सप्लाई



राजस्थान के दस जिलों में पीएचईडी ने मरम्मत व पानी स्टोरेज का खास प्लान बनाया है. बीकानेर, नागौर, जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सीकर और झुंझुनू में पानी स्टोरेज को लेकर पोडिंग व रिजर्वायर बनाए गए हैं. इनमें क्लोजर के दौरान पानी की सप्लाई चलती रहगी.

1976 करोड़ में सुधर रही लिफ्ट कैनाल की सेहत

इंदिरा गांधी लिफ्ट कैनाल की सेहत सुधारने पर 1976 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे है। इसमें केंद्र सरकार 982 करोड़,राजस्थान सरकार 715 करोड़ और पंजाब सरकार 279 करोड़ रुपए खर्च कर इस लिफ्ट कैनाल नहर की सेहत सुधार रही हैं. लिफ्ट कैनाल की सेहत सुधारने के बाद 4 हजार क्यूसेक पानी रोजाना ज्यादा मिलने लगेगा. इस क्लोजर में नहर की क्षतिग्रस्त दोनों दीवारों को नया बनाना और नहर में जमा मिट्टी को बाहर निकलना जैसे काम शुरू हो गये हैं.
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