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Jodhpur News: राफेल की गर्जना से थर्रा उठा आसमान, दुश्‍मनों का भी दहला सीना

भारतीय वायुसेना का यह पहला युद्धाभ्यास है जिसमें राफेल लड़ाकू विमान हिस्सा ले रहे हैं.
भारतीय वायुसेना का यह पहला युद्धाभ्यास है जिसमें राफेल लड़ाकू विमान हिस्सा ले रहे हैं.

Desert Night-21: जोधपुर में चल रहे भारत-फ्रांस युद्धाभ्यास की पहली सुबह राफेल फाइटर जेट की तेज गर्जना से आसमान भी थर्रा उठा. दोनों देशों का संयुक्‍त युद्धाभ्‍यास 24 जनवरी तक चलेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 21, 2021, 2:46 PM IST
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जोधपुर. पाकिास्‍तान सीमा से तकरीबन 800 किलोमीटर दूर जोधपुर में गुरुवार सुबह को जब राफेल, मिराज और सुखोई फाइटर जेट ने एक साथ हुंकार भरी तो पड़ोसी देश का सीना भी दहलने लगा. राफेल की गर्जना से पूरा आसमान गूंज उठा. दरअसल, जोधपुर में भारत-फ्रांस की एयर फोर्स का संयुक्त युद्धाभ्यास (Indo French maneuvers in Jodhpur) डेजर्ट नाइट-21 (Desert Night-21) शुरू हो गया है. सबसे पहले दोनों देशों के राफेल फाइटर जेट्स (Rafale Fighter) ने उड़ान भरी. इसके बाद सुखोई व मिराज भी आसमान में अठखेलियां करते नजर आए. जोधपुर का साफ मौसम भी दोनों देशों के पायलट को रास आया. यह युद्धाभ्यास 24 जनवरी तक चलेगा.

दोनों देशों के फाइटर जेट सहित अन्य विमान बुधवार को जोधपुर पहुंच गए थे. पहले दिन दोनों एयरफोर्स की टीमों ने एक-दूसरे से परिचय लिया. इसके बाद देर रात तक वार रूम में युद्धाभ्यास की रणनीति तैयार की गई. तय रणनीति के मुताबिक गुरुवार को सुबह जल्दी दोनों देशों की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ एयरबेस पर आ डटी. थोड़ी देर में सबसे पहले फ्रांस के राफेल विमानों ने उड़ान भरी. फिर एक के बाद एक कर कई विमान देखते ही देखते आसमान में छा गए और कुछ ही पलों में आंखों से ओझल भी हो गए.

युद्धाभ्यास जोधपुर से पाकिस्तान की सीमा के बीच चलेगा. मुक्त आसमान में पहुंचते ही दोनों टीम अलग-अलग फॉरमेशन में अपनी पॉजिशन में आ गई. इसके बाद शुरू हुआ एक-दूसरे को छकाते हुए उनके वायु क्षेत्र में प्रवेश करने का दौर. दो टीम में से एक हमलावर और दूसरी रक्षात्मक टीम थी. हमलावर टीम को विपक्षी टीम के सुरक्षा कवच को भेदते हुए अंदर प्रवेश कर आक्रमण करना था. दोनों टीमों ने हवा से हवा में एक-दूसरे के विमान पर डमी मिसाइलें दागीं. हमलावर टीम को इन मिसाइल के हमलों को विफल करते हुए आगे बढ़ना होता है. करीब डेढ़ घंटे तक आसमान में एक-दूसरे की क्षमता को परखने के बाद सभी फाइटर्स वापस एयरबेस पर लौट आए.



वार रूम से विशेषज्ञ कर रहे हैं निगरानी
एयरबेस पर वार रूम बनाया गया है. इसमें दोनों देशों के विशेषज्ञ बैठकर आसमान में उड़ान भरने वाले हर विमान की गतिविधि पर बारीकी से नजर रखते हैं. इनके दिशा-निर्देश पर ही दोनों लड़ाकू विमानों के बीच युद्धाभ्यास चलता है. सब कुछ ऑन रिकॉर्ड होता है. पायलट्स के ग्राउंड पर लौटते ही उनकी परफॉरमेंस की पूरी रिपोर्ट विशेषज्ञ तैयार रखेंगे. वे अभियान के दौरान उजागर होने वाली खामियों के बारे में बताएंगे. ऐसा करने से पायलट्स को अपनी गलतियों में सुधार करने का मौका मिलता है.
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