जसोल हादसा: सरकार को सौंपी प्रशासनिक जांच रिपोर्ट, आयोजन में बरती गई थी ये लापरवाहियां

बाड़मेर के जसोल में गत माह रामकथा के दौरान हुए हादसे की प्रशासनिक जांच रिपोर्ट संभागीय आयुक्त ने सरकार को सौंप दी है. जांच रिपोर्ट में आयोजन में कई तरह की लापवाहियां सामने आई हैं, जिनके चलते इतना बड़ा हादसा हुआ.

News18 Rajasthan
Updated: July 12, 2019, 3:53 PM IST
जसोल हादसा: सरकार को सौंपी प्रशासनिक जांच रिपोर्ट, आयोजन में बरती गई थी ये लापरवाहियां
जसोल हादसा। फाइल फोटो।
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Updated: July 12, 2019, 3:53 PM IST
बाड़मेर के जसोल में गत माह रामकथा के दौरान हुए हादसे की प्रशासनिक जांच रिपोर्ट संभागीय आयुक्त ने सरकार को सौंप दी है. जांच रिपोर्ट में आयोजन में कई तरह की लापवाहियां सामने आई हैं, जिनके चलते इतना बड़ा हादसा हुआ. इस हादसे में 15 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और करीब चार दर्जन घायल हो गए थे. हादसे के बाद मामले की प्रशासनिक जांच जोधपुर संभागीय आयुक्त को सौंपी गई थी.

40 गवाहों के बयान दर्ज किए गए


हादसे के 18 दिन बाद संभागीय आयुक्त ने प्रशासनिक जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है. सूत्रों की मानें तो आयोजन के दौरान आयोजकों द्वारा कई तरह की लापरवाहियां बरती गईं. जांच के दौरान करीब 40 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं. इसमें सामने आया कि आयोजकों द्वारा आयोजन की अनुमति से लेकर टैंट और बिजली व्यवस्था में बड़ी लापरवाही बरती गई. रिपोर्ट में इसके साथ ही ऐसे हादसों को रोकने के सुझाव भी दिए गए हैं. ऐसे हादसों को रोकने के लिए आपदा प्रबंधन के निर्देशों की पालना करने, आयोजन के निरीक्षण के लिए किसी एक अधिकारी की जिम्मेदारी तय करने और आयोजकों व श्रमिकों को समय समय पर ट्रेनिंग देने के सुझाव दिए गए हैं.

15 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी

उल्लेखनीय है कि गत 22 जून को बाड़मेर के जसोल गांव के स्कूल में रामकथा का आयोजन किया गया था. आयोजन के दौरान आंधी-तूफान आने से वहां लगाया गया लोहे का टैंट उखड़कर धराशायी हो गया था. उस समय रामकथा में करीब एक हजार से ज्यादा श्रद्धालु मौजूद थे. इस दौरान बारिश हो जाने से टैंट में करंट फैल गया था, जिससे 15 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और चार दर्जन से ज्यादा घायल हो गए थे.

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