जोधपुर: कोरोना मरीजों के शव को ले जाने के लिए एंबुलेंसकर्मी वसूल रहे हजारों रूपये, FIR दर्ज

जोधपुर प्रशासन ने मरीज के परिजनों से उसका शव ले जाने के एवज में 11 हजार रूपये वसूलने वाले एंबुलेंसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की है

जोधपुर प्रशासन ने मरीज के परिजनों से उसका शव ले जाने के एवज में 11 हजार रूपये वसूलने वाले एंबुलेंसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की है

मामला सामने आने के बाद प्रसासन ने एंबुलेंस (Ambulance) को सीज कर उसके विरुद्ध एफआईआर (FIR) दर्ज करवा दी. इन सब के बीच शनिवार को निजी एंबुलेंसकर्मियों ने प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ हड़ताल शुरू कर दी. हालांकि तीन घंटे बाद एंबुलेंसकर्मी हड़ताल से मुकर गए. लेकिन तब तक कई शवों को श्मशान ले जाने के लिए निजी वाहनों का उपयोग करना पड़ा

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 24, 2021, 4:22 PM IST
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जोधपुर. राजस्थान में कोरोना संक्रमण (Corona Virus) का महाविस्फोट हुआ है. लेकिन ऐसे समय भी जोधपुर (Jodhpur) में एंबुलेंसकर्मियों की शर्मनाक हरकत सामने आई है. शुक्रवार को एक कोरोना संक्रमित मरीज की मौत के बाद उसके शव को श्मशान ले जाने के एवज में एंबुलेंसकर्मी ने 11 हजार रूपये वसूल लिए. मामला सामने आने के बाद प्रसासन ने एंबुलेंस (Ambulance) को सीज कर उसके विरुद्ध एफआईआर (FIR) दर्ज करवा दी. इन सब के बीच शनिवार को निजी एंबुलेंसकर्मियों ने प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ हड़ताल शुरू कर दी. हालांकि तीन घंटे बाद एंबुलेंसकर्मी हड़ताल से मुकर गए. लेकिन तब तक कई शवों को श्मशान ले जाने के लिए निजी वाहनों का उपयोग करना पड़ा.

दरसअल जोधपुर शहर में एक निजी एंबुलेंस चालक ने एक कोरोना मरीज के शव को श्मशान ले जाने के लिए 11 हजार रुपए ले लिए. आरोपी एंबुलेंस चालक पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उसको सीज कर एंबुलेंस मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी. इसके विरोध में शनिवार सुबह से एंबुलेंसकर्मी हड़ताल पर चले गए. इस बीच सुबह आठ बजे से 11 बजे तक कोरोना संक्रमण से कई लोगों की मौत होने के चलते कई शव तीन घंटों तक श्मशान ले जाने को लेकर इंतजार करते नजर आए. सुबह आठ बजे श्याम सुंदर व्यास की कोरोना से मौत हो गई. श्याम सुंदर का शव एंबुलेंस के इंतजार में चार घंटे तक इंतजार करता रहा. इसके बाद सीएचबी की रहने वाली राजश्री की मौत भी कोरोना संक्रमण के चलते हो गई. उनके परिजन भी एंबुलेंस के इंतजार में पीपीई किट पहनकर शव वाहन का इंतजार करते नजर आए. उनको भी निजी एंबुलेंस के बजाय एक संस्थान की एंबुलेंस से शव को श्मशान लेकर जाना पड़ा.

इन सब के बीच शहर के एंबुलेंस एसोसिएशन ने शुक्रवार की घटना को लेकर हड़ताल शुरू कर दी. लेकिन जैसे ही उन्हें प्रशासन की कार्रवाई का डर सताने लगा तो मीडिया में आकर उन्होंने स्पष्ट किया कि हड़ताल नहीं है वो तो विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. एसोसिएशन ने शुक्रवार की घटना पर कहा कि 11 हजार रुपए एंबुलेंस का चार्ज नहीं था बल्कि उसके चिता को लकड़ी और अन्य सामान का पैसा भी इसमें शामिल था.
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