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रूस से 5 माह बाद भी नहीं पहुंचा राजस्थानी श्रमिक का शव, हाईकोर्ट ने रूसी दूतावास को भेजा नोटिस

रूस से 5 माह बाद भी नहीं पहुंचा राजस्थानी श्रमिक का शव, हाईकोर्ट ने रूसी दूतावास को भेजा नोटिस

हितेंद्र कुमार का निधन रूस में गत 17 जुलाई को हो गया था.

हितेंद्र कुमार का निधन रूस में गत 17 जुलाई को हो गया था.

Jodhpur High Court: जोधपुर हाईकोर्ट ने राजस्थान के उदयपुर जिले के एक श्रमिक के शव को रूस से भारत लाने के मामले में अभूतपूर्व कदम उठाते हुये रूसी दूतावास को नोटिस जारी किया है. हाईकोई ने कोर्ट के रजिस्ट्रार (न्यायिक) को निर्देशित किया है कि रूसी संघ दूतावास के आधिकारिक ईमेल पर यह नोटिस भेजे. उदयपुर के इस श्रमिक की करीब पांच माह पहले 17 जुलाई को मौत हो गई थी.

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जोधपुर. रूस (Russia) में एक हादसे में राजस्थान के एक व्यक्ति की मौत के बाद पांच माह भी उसका शव (Dead body) यहां नहीं लाया जा सका है. इस पर मृतक की पत्नी आशा ने जोधपुर उच्च न्यायालय (Jodhpur High Court) में एक याचिका पेश कर पति के शव को भारत लाने की गुहार की है. पीड़िता की याचिका पर हाईकोर्ट ने अभूतपूर्व कदम उठाते हुए रूसी संघ दूतावास के वरिष्ठ काउंसलर से जवाब तलब किया है. मृतक हितेंद्र कुमार गरासिया उदयपुर जिले के आदिवासी गांव गोडवा इलाके का रहने वाला था.

हाईकोर्ट ने इस मामले में जवाब मांगते हुए कहा कि रूसी संघ दूतावास के वरिष्ठ काउंसलर या रूसी संघ की सरकार को नोटिस जारी करने की अपनी सीमाओं से बेखबर नहीं है. लेकिन अभूतपूर्व स्थिति से निपटने के लिए और उठाए जाने वाले कदमों का समन्वय करने के लिए नोटिस जारी करना उचित है.

आधिकारिक ईमेल पर यह नोटिस भेजने के निर्देश
राजस्थान हाईकोर्ट ने शव स्वदेश नहीं आने के मामले में भारत में स्थित रूसी संघ दूतावास के वरिष्ठ काउंसलर (काउंसलर डिवीजन) को यह नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने रजिस्ट्रार (न्यायिक) को निर्देशित किया है कि रूसी संघ दूतावास के आधिकारिक ईमेल पर यह नोटिस भेजे.

हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को आवश्यक कदम उठाने के दिए थे निर्देश 
मृतक की पत्नी आशा और उसके बच्चों ने शव भारत लाने को लेकर याचिका दाखिल की थी. इसकी पूर्व में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने संवेदनशीलता दिखाते हुए केंद्र सरकार को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए थे. न्यायाधीश दिनेश मेहता की एकल पीठ में केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल राजदीपक रस्तोगी ने कहा कोर्ट को बताया कि मृतक हितेंद्र कुमार गरासिया के पार्थिव शरीर को भारत लाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं.

एफएसएल रिपोर्ट लंबित होने के कारण लाया जा सका है शव
उन्होंने कोर्ट को बताया कि उनके पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार रूसी संघ के अधिकारी एफएसएल रिपोर्ट लंबित होने के चलते शव को नहीं सौंप रहे हैं. एकल पीठ ने कहा कि हितेंद्र कुमार का निधन 17 जुलाई को हो गया था. इस कोर्ट को लगता है कि इस संबंध में रूसी संघ की सरकार से इस प्रक्रिया में तेजी लाने का अनुरोध किया जाना चाहिए. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सुनील पुरोहित ने कोर्ट में पक्ष रखा था.

Tags: Jodhpur High Court, Rajasthan latest news

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