Jodhpur: नहीं रहे मुख्यमंत्री और मंत्रियों के गुरु प्रोफेसर लक्ष्मण सिंह राठौड़
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Jodhpur: नहीं रहे मुख्यमंत्री और मंत्रियों के गुरु प्रोफेसर लक्ष्मण सिंह राठौड़
प्रोफेसर राठौड़ आखिरी वक्त तक शिक्षा के उन्नयन और गुणवत्ता को लेकर संघर्ष करते रहे.

जोधपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर लक्ष्मण सिंह राठौड़ (Professor Laxman Singh Rathore) नहीं रहे. हिन्दी के जाने-माने लेखक आलोचक नामवर सिंह (Namwar Singh) के समकालीन प्रो.राठौड़ ने गुरुवार को दोपहर 12.30 पर जोधपुर (Jodhpur) में आखिरी सांस ली.

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जयपुर. जोधपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर लक्ष्मण सिंह राठौड़ (Professor Laxman Singh Rathore) नहीं रहे. हिन्दी के जाने-माने लेखक आलोचक नामवर सिंह (Namwar Singh) के समकालीन प्रो.राठौड़ ने गुरुवार को दोपहर 12.30 पर जोधपुर (Jodhpur) में आखिरी सांस ली. इससे कुछ मिनट पहले 87 वर्षीय प्रोफेसर राठौड़ ने लॉकडाउन के कारण यूनिवर्सिटी के शिक्षकों को पेंशन में हो रही देरी को लेकर राज्यपाल कलराज मिश्र और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) को एक पत्र भी लिखा.

सीएम गहलोत के साथ प्रोफेसर राठौड़ का एक अलग ही रिश्ता था
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से प्रोफेसर राठौड़ का एक अलग ही रिश्ता था. अशोक गहलोत का नाम सुनते ही उनकी 'आंखों' में एक अलग सी 'चमक' आ जाती थी. वजह थी गहलोत का विश्वविद्यालय के वक्त राजनीति शास्त्र का विद्यार्थी होना. गहलोत ने राजनीति शास्त्र की शिक्षा दीक्षा प्रोफेसर एलएस राठौड़ से ही ली थी. एक जमाने में गहलोत के गुरु रहे प्रोफेसर राठौड़ ने जब-जब गहलोत चुनाव में खड़े हुए उनके लिए बाकायदा घर-घर घूम कर वोट मांगे. जाहिर है गहलोत के मन में भी अपने गुरु को लेकर बड़ा सम्मान रहा.

कई मंत्री और नेता रहे हैं राठौड़ के शिष्य



जोधपुर विश्वविद्यालय में शुरुआती दौर से राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर और बाद में कुलपति रहे प्रोफेसर एल एस राठौड़ का रिश्ता अशोक गहलोत से तो था ही केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राजस्थान के राजस्व मंत्री हरीश चौधरी, बीजेपी के पूर्व विधायक बाबू सिंह राठौड़ और जालम सिंह रावलोत से भी उनका गुरु शिष्य का रिश्ता आजीवन बना रहा. बीकानेर जिले के रोड़ा गांव में 5 जनवरी 1933 को एक साधारण राजपूत परिवार में जन्मे प्रोफेसर राठौड़ लंबे समय तक पॉलिटिकल साइंस और ऑल इंडिया पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन कांग्रेस के अध्यक्ष रहे. राजनीति शास्त्र में देश के नामचीन विशेषज्ञों में शामिल रहे प्रोफेसर राठौड़ ने राजनीति शास्त्र पर तो काफी कुछ लिखा-पढ़ा ही मारवाड़ के वीर दुर्गादास राठौड़ और बल्लू जी चंपावत पर उनकी पुस्तकें खासी चर्चित रही.



आखिरी वक्त तक शिक्षा के उन्नयन और गुणवत्ता को लेकर संघर्ष करते रहे
प्रोफेसर राठौड़ आखिरी वक्त तक शिक्षा के उन्नयन और गुणवत्ता को लेकर संघर्ष करते रहे. साथ ही विश्वविद्यालय के शिक्षकों के हकों के लिए भी सक्रिय रहे. यही वजह है कि निधन से कुछ मिनट पहले उन्होंने लॉकडाउन के दौरान यूनिवर्सिटी शिक्षकों की पेंशन में आई दिक्कतों के निस्तारण को लेकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र लिखा. हर पीढ़ी के छात्रों के लिए आदरणीय रहे प्रोफेसर राठौड़ को उनके शिष्यों ने विनम्र श्रद्धांजलि दी है.राठौड़ का अंतिम संस्कार शुक्रवार को सुबह जोधपुर में किया जाएगा.

सीएम गहलोत ने दी विनम्र श्रद्धाजंलि
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रोफेसर लक्ष्मण सिंह राठौड़ को विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए 'ट्वीट' किया है. गहलोत ने अपने ट्वीट में लिखा कि ''जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर लक्ष्मण सिंह राठौड़ के उच्च शिक्षा में योगदान को हमेशा याद रखा जायेगा''. केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भी राठौड़ के निधन पर शोक जताया है.

 



 



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First published: June 4, 2020, 6:19 PM IST
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