जोधपुर: जोजरी नदी का होगा कायाकल्प, 45 करोड़ रुपये स्वीकृत, रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट का काम बढ़ेगा आगे

अभी जोधपुर नगर निगम क्षेत्र और आसपास के इलाकों के सीवरेज का पानी फिलहाल जोजरी नदी में डाला जा रहा है. (सांकेतिक तस्वीर)

अभी जोधपुर नगर निगम क्षेत्र और आसपास के इलाकों के सीवरेज का पानी फिलहाल जोजरी नदी में डाला जा रहा है. (सांकेतिक तस्वीर)

Jodhpur's jojari river front project: जोधपुर की जोजरी रिवर फ्रंट का काम अब तेजी से आगे बढ़ेगा. रिवर फ्रंट के काम को आगे बढ़ाने के लिये यहां दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किये जायेंगे. इसके लिये राज्य सरकार ने 45 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिये हैं.

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जोधपुर. पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर जिले की प्रमुख जोजरी नदी (Jojri River) को अब प्रदूषित पानी से निजात मिलने वाली है. जोधपुर में जोजरी नदी पर रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट (River front project) का काम आगे बढ़ने लगा है. जोजरी रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट में दो सीवरेज प्लांट के लिए 45 करोड़ रुपए स्वीकृति मिल गई है. इसका काम पूरा होने के बाद जोजरी नदी में जाने वाला प्रदूषित पानी सीवरेज प्लांट में ट्रीट होगा और नदी फिर से सांस लेने लगेगी.

दरसअल जोधपुर की प्रमुख जोजरी नदी का पानी प्रदूषित होने से वह दम तोड़ चुकी थी. शहर के सीवरेज और उद्योग का केमिकलयुक्त पानी जोजरी नदी में छोड़ा जाता है. लेकिन अब केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय और राज्य सरकार ने जोजरी रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट को मंजूर कर लिया है. राज्य सरकार ने इसके लिये 45 करोड़ रुपये स्वीकृत किये हैं. इससे शहर के बाहरी क्षेत्र में दो सीवरेज प्लांट बनने का काम शुरू होगा. उसके बाद जोजरी रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट को पंख लगने शुरू हो जाएंगे.

50 एमएलडी प्रदूषित पानी जोजरी नदी में छोड़ा जा रहा है

जोधपुर नगर निगम क्षेत्र और आसपास के इलाकों के सीवरेज का पानी फिलहाल जोजरी नदी में डाला जा रहा है. 50 एमएलडी प्रदूषित पानी को फिलहाल जोजरी नदी में छोड़ा जा रहा है. जोजरी रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट में 50 एमएलडी प्रदूषित पानी छोड़ना बड़ा रोड़ा बना हुआ था. लेकिन राज्य सरकार ने अब प्रदूषित पानी का ट्रीटमेंट करने के लिये 45 करोड़ रुपये जारी कर दिये हैं. इससे रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट को गति मिलेगी.
अभी शहर में तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट काम कर रहे हैं

जोधपुर नगर निगम की ओर से शहर में तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का संचालन किया जा रहा है. अब दो और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम पूरा होने के बाद नदियों को शहर के प्रदूषित पानी से निजात मिल जाएगी. इसके साथ ही सीवरेज के ट्रीटमेंट पानी को उद्योगों में सप्लाई किया जा सकेगा. जेडीए अब विवेक विहार और उचियारड़ा में 25 एमएलडी का प्लांट बनाने का काम शुरू करेगा.

एसबीआर तकनीक से बनेंगे प्लांट



जोधपुर में बनने वाले दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट एसबीआर तकनीक से बनेंगे. इस तकनीक में अपशिष्ट जल का ट्रीटमेंट यांत्रिक जैविक तरीके से किया जाता है.

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