सलमान खान को जोधपुर कोर्ट से बड़ी राहत, इस मामले में अब नहीं दर्ज होगा केस

साल 1998 के काले हिरण शिकार मामले के दौरान एक्टर सलमान खान के अपने हथियार का लाइसेंस गुम हो जाने के लिए दायर झूठे शपथ पत्र मामले पर सीजेएम ग्रामीण कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है.

News18Hindi
Updated: June 17, 2019, 2:02 PM IST
सलमान खान को जोधपुर कोर्ट से बड़ी राहत, इस मामले में अब नहीं दर्ज होगा केस
काले हिरण शिकार मामले के दौरान एक्टर सलमान खान के अपने हथियार का लाइसेंस गुम हो जाने के लिए दायर झूठे शपथ पत्र मामले पर सीजेएम ग्रामीण कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है.
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Updated: June 17, 2019, 2:02 PM IST
फिल्म एक्टर सलमान खान पर काले हिरण शिकार मामले में अब एक और केस दर्ज नहीं होगा. जोधपुर सीजेएम कोर्ट ने सोमवार को सलमान को बड़ी राहत दी. सीजेएम ग्रामीण जज अंकित रमन ने सरकार की उस अर्जी को खारिज कर दिया जिसमें सलमान पर झूठा शपथ पत्र पेश करने का आरोप लगाया गया था. वर्ष 1998 के काले हिरण शिकार मामले के दौरान सलमान ने अपने हथियार का लाइसेंस गुम हो जाने के लिए दिए गए झूठे शपथ पत्र के मामले पर पिछले सप्ताह सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया था.

इस मामले में सलमान खान के वकील हस्तिमल सारस्वत ने कोर्ट में उनका पक्ष रखते हुए कहा था कि सलमान खान का किसी भी तरह का यह मंतव्य (इरादा) नहीं था कि वो झूठा शपथ पत्र दें, ऐसे में उनके विरुद्ध किसी तरह की कार्यवाही करना न्यायोचित नहीं है. अब सीजेएम ग्रामीण अंकित रमन की कोर्ट अपना फैसला सुनाते हुए इस मामले में सलमान के खिलाफ मामला दर्ज करने की अर्जी खारिज कर दी.



ये है पूरा मामला
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जोधपुर में फिल्म हम साथ-साथ है की शूटिंग के दौरान 1998 में सलमान खान के खिलाफ काले हिरण शिकार के तीन केसों के साथ आर्म्स एक्ट का एक प्रकरण भी दर्ज किया गया था. आर्म्स एक्ट में उन्हें 2018 में बरी कर दिया गया लेकिन इस मामले की सुनवाई के दौरान सलमान को अपना लाइसेंस कोर्ट में जमा करवाना था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. सलमान की तरफ से शपथ पत्र देकर कोर्ट में कहा गया कि उनका लाइसेंस खो गया है. जबकि कहा गया है कि लाइसेंस नवीनीकरण के लिए दिया हुआ था.

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झूठ साबित तो एक और केस?
कोर्ट को गुमराह करने और अभियोजन ने इस शपथपत्र को झूठा बताते हुए दंड प्रक्रिया संहिता (आईपीसी) 340 के तहत कार्यवाही करने की अर्जी दायर की थी. वर्ष 2006 में पेश इस अर्जी पर लगातार सुनवाई के बाद पिछले सप्ताह ही कोर्ट ने 17 जून को इस पर आदेश सुनाना तय किया था.

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First published: June 17, 2019, 9:34 AM IST
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