Jodhpur: विश्वविद्यालय सिखायेगा कि कैसे करें बुजुर्गों की देखभाल ? आज लॉच किया जायेगा रोजगारपरक पाठ्यक्रम

यह रोजगारपरक कोर्स होगा. पाठ्यक्रम में न्यूनतम सैकेंडरी परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं.

यह रोजगारपरक कोर्स होगा. पाठ्यक्रम में न्यूनतम सैकेंडरी परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं.

How to take care of elderly: जोधपुर स्थित डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन आयुर्वेद विश्वविद्यालय (Dr. Sarvepalli Radhakrishnan Ayurveda University) अब युवाओं को सिखायेगा कि बुजुर्गों की देखभाल कैसे की जाये. इसके लिये आज 6 माह का पाठ्यक्रम लॉच किया जायेगा.

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जोधपुर. सनसिटी जोधपुर स्थित डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन आयुर्वेद विश्वविद्यालय (Dr. Sarvepalli Radhakrishnan Ayurveda University) ऐसा विश्वविद्यालय बनने जा रहा है जहां यह सिखाया जायेगा कि बुजुर्गों की देखभाल कैसे की जाये (How to take care of elderly) ?  दावा किया जा रहा है कि देशभर में यह पहला विश्वविद्यालय है जहां इस तरह का पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है. छह माह के इस पाठ्यक्रम के बाद स्टूडेंट को इसका सर्टिफिकेट जारी किया जायेगा. आज पाठ्यक्रम को विधिवत रूप से लॉच किया जायेगा.

वर्तमान में बुजुर्गों की देखभाल एक बड़ी समस्या के रूप में उभर रहा है. युवा पीढ़ी बुजुर्गों की देखभाल करने से कन्नी काटने लगी है. सेवाभाव से दूर मजबूरीवश लोग बुजुर्गों की सेवा करते हैं. उसमें भी वे उनकी सही रूप से देखभाल नहीं कर पाते हैं. इसलिये आयुर्वेद विश्व विद्यालय की ओर से यह तय किया गया है कि वह युवाओं को वृद्धजनों की देखभाल करना सिखायेगा. वृद्धजनों की देखभाल करना आसान नहीं होता है. इसी को ध्यान में रखकर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन आयुर्वेद विश्वविद्यालय इस शैक्षणिक-सत्र में 'वृद्धावस्था देखभाल सहायक आयुर्वेद' का छह माह का सर्टिफिकेट कोर्स लॉच करने जा रहा है.

जस्टिस संदीप मेहता करेंगे लॉच

इस पाठ्यक्रम को आज हाई कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता कोर्स लॉच करेंगे. विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अभिमन्यु कुमार समारोह की अध्यक्षता करेंगे. विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार सीमा कविया ने बताया कि वृद्धजनों की शारीरिक एवं मानसिक अवस्थाओं के साथ साथ उनकी व्याधियों जैसे प्रमेह संधिवात और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों में संपूर्ण देखभाल की जरूरत होती है.
रोजगारपरक पाठ्यक्रम होगा

बकौल कविया आयुर्वेद विश्वविद्यालय युवाओं को प्रशिक्षण देगा. यह रोजगारपरक कोर्स होगा. पाठ्यक्रम में न्यूनतम सैकेंडरी परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं. कोर्स का प्रशिक्षण सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक रूप से विश्वविद्यालय परिसर में ही दिया जाएगा. इस कोर्स को करने के बाद युवा निजी क्षेत्र में रोजगार भी पा सकेंगे.
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