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यह कैसी अास्था! जहां दुष्कर्म के आरोपी को बना बैठे भगवान

नाबालिग यौन उत्पीड़न के मामले में भले ही सभी गवाह और साक्ष्‍य आसाराम के खिलाफ हो, लेकिन आसाराम के समर्थक अब भी उन्हें भगवान मान रहे हैं.
नाबालिग यौन उत्पीड़न के मामले में भले ही सभी गवाह और साक्ष्‍य आसाराम के खिलाफ हो, लेकिन आसाराम के समर्थक अब भी उन्हें भगवान मान रहे हैं.

नाबालिग यौन उत्पीड़न के मामले में भले ही सभी गवाह और साक्ष्‍य आसाराम के खिलाफ हो, लेकिन आसाराम के समर्थक अब भी उन्हें भगवान मान रहे हैं.

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नाबालिग यौन उत्पीड़न के मामले में भले ही सभी गवाह और साक्ष्‍य आसाराम के खिलाफ हो, लेकिन आसाराम के समर्थक अब भी उन्हें भगवान मान रहे हैं.

नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपी आसाराम लगभग दो साल से जोधपुर के सेंट्रल जेल में बंद हैं. एक गवाह को छोड़कर सभी उनके खिलाफ अदालत में बयान दे चुके हैं. बावजूद इसके आसाराम के समर्थक उन्हें आज भी गंगा की तरह पवित्र और भगवान बता रहे हैं.

हैरानी इस बात की है कि समर्थक साफ कहते हैं कि आसाराम अपनी मर्जी से जेल में गए हैं. वे जब चाहेंगे, तब वह बाहर आ जाएंगे. ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर कौन अपनी मर्जी से जेल जाना चाहेगा और यदि वे अपनी मर्जी से जेल गए हैं तो फिर जमानत की अर्जी क्‍यों दी जा रही है.



43 गवाह आसाराम के खिलाफ
जोधपुर के ओसिया रोड स्थित मणई आश्रम में आसाराम की पूजा करने वाले एक परिवार की नाबालिग के साथ जब यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया तो शुरू में किसी को विश्‍वास ही नहीं हुआ. आसाराम की गिरफ्तारी के बाद परतें खुलती गईं. इस मामले में 44 में से 43 गवाह आसाराम के खिलाफ गवाही दे चुके हैं.

एक गवाह ने बयान से मारी पलटी

इस मामले में सुधा पाठक नाम की एक गवाह पक्ष द्रोही भी हो गई. अब सिर्फ जांच अधिकारी चंचल मिश्रा के बयान होने हैं. जबकि एक अन्य गवाह विवेक कुमार को दोबारा तलब किया गया है. इस मामले पर नजर डालें तो अब जांच अधिकारी चंचल मिश्रा और विवेक कुमार के बयान के बाद आसाराम के बयान दर्ज होंगे. साथ ही आसाराम और अन्य आरोपियों को बचाव का मौका मिलेगा और उसके बाद फैसला होगा.

पीड़िता के वकील पीसी सोलंकी का कहना है कि बयान मुलजिम के बाद बचाव का मौका मिलेगा. उसके बाद ही फैसला सुनाया जाएगा.

गौरतलब है कि आसाराम पर जिस तरह से नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप लगे और लगातार गवाहों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं, उससे भी आसाराम पर ही शक जा रहा है. शुरुआती दौर में मीडिया पर आसाराम आश्रम के बाहर हमला हुआ था और उसके बाद समर्थक शुरू से ही मीडिया के साथ गवाहों को निशाना बना रहे थे. अब अदालत में गवाही का अंतिम दौर चल रहा है. देखना यह है कि आसाराम अपने बचाव में क्या कहते हैं और उसके बाद अदालत का फैसला क्या होता है.
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