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    Jodhpur: ईमानदारी और नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाला प्रिंसिपल 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार

    आरोपी धर्मेंद्र कुमार ने दो भागों में 15000 तथा 10000 रुपए पहले ही परिवादी से ऑनलाइन बैंक खाते में जमा करवा लिये थे.
    आरोपी धर्मेंद्र कुमार ने दो भागों में 15000 तथा 10000 रुपए पहले ही परिवादी से ऑनलाइन बैंक खाते में जमा करवा लिये थे.

    Big Action Of ACB: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बुधवार को जोधपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुये नवोदय विद्यालय के प्रिंसिपल (Principal of Navodaya Vidyalaya) को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुये गिरफ्तार किया है.

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    जोधपुर. प्रदेश में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti Corruption Bureau) लगातार एक्शन में है. इसी कड़ी में ब्यूरो ने बुधवार को जोधपुर में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. ब्यूरो ने यहां बच्चों को ईमानदारी और नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले नवोदय विद्यालय के प्रिंसिपल (Principal of Navodaya Vidyalaya) को 10 हजार रुपयों की घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार (Arrested) किया है. प्रिंसिपल रिश्वत की यह राशि बिल पास करने की एवज में ले रहा था. एसीबी के डीआईजी डॉ. विष्णुकांत के निर्देशन में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया.

    ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया आरोपी धर्मेंद्र कुमार जैन जवाहर नवोदय विद्यालय तिलवासनी जोधपुर में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत है. आरोपी के खिलाफ शिकायत परिवादी नंदकिशोर पारीक ने की थी. पारीक ने अपनी शिकायत में बताया था कि उसकी फर्म टेक्नोविजन डिजिटल सिक्योरिटी द्वारा जवाहर नवोदय विद्यालय तिलवासनी में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे. उसके बिल पास कराने की एवज में आरोपी ने 40000 रुपए रिश्वत राशि की मांग की थी.

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    दो भागों में 15000 तथा 10000 रुपए पहले ही ले चुका था आरोपी


    आरोपी धर्मेंद्र कुमार ने दो भागों में 15000 तथा 10000 रुपए पहले ही परिवादी से ऑनलाइन बैंक खाते में जमा करवा लिये थे. उसके बाद शेष रिश्वत राशि 15000 रुपए की मांग. यही नहीं तथा इसके अतिरिक्त गिफ्ट के रूप में 10000 रुपए की रिश्वत और मांगी. ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन कराया तो वह सही पाई गई. उसके बाद ब्यूरो ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने के लिये अपना जाल बिछाया. बुधवार को सुबह ब्यूरो ने परिवादी को रुपये देकर आरोपी के पास भेजा. परिवादी ने जैसे ही आरोपी जैन को 10 हजार रुपये थमाये उसी समय ब्यूरो की टीम ने उसे रंगे हाथों धरदबोचा. एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉक्टर दुर्ग सिंह राजपुरोहित और उनकी टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया.
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