काला हिरण केस में सलमान खान को राहत, जोधपुर कोर्ट में पेशी से मिली छूट
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काला हिरण केस में सलमान खान को राहत, जोधपुर कोर्ट में पेशी से मिली छूट
बताया जा रहा है कि सलमान की जगह उनके वकील इस सुनवाई के दौरान मौजूद हैं (फाइल फोटो)

ताया जा रहा है कि उनकी तरफ से उनके वकील सुनवाई में मौजूद हैं. ऐसे में सभी को सलमान के यहां पहुंचने का इंतजार है.

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जोधपुर. फिल्म अभिनेता सलमान खान (Salman Khan) कांकाणी हिरण शिकार मामले (Black Buck Poaching Case) में जोधपुर कोर्ट (Jodhpur Court) में सुनवाई शुरू हो गई है. लेकिन सलमान खान अभी तक जोधपुर नहीं पहुंचे हैं. बताया जा रहा है कि उनकी तरफ से उनके वकील सुनवाई में मौजूद हैं. ऐसे में सभी को सलमान के यहां पहुंचने का इंतजार है.



इससे पहले काले हिरण शिकार और अवैध हथियार मामले में सलमान खान को कोर्ट में पेश होना था लेकिन वो किन्हीं कारणों से पेश नहीं हो पाए थे. जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें फटकार लगाते हुए आज यानी 27 सितंबर 2019 तक का वक्त दिया है. कोर्ट ने ये भी कहा था कि अगर इस बार भी सलमान खान पेश नहीं हुए तो उन पर कार्रवाई की जाएगी. सीजेएम कोर्ट द्वारा सलमान को पांच साल की जेल की सजा सुनाए जाने के खिलाफ अभिनेता की ओर से पेश की गई अपील पर जिला व सत्र न्यायालय, जोधपुर के जज चंद्र कुमार सोनगरा की कोर्ट में ये सुनवाई हो रही है.
हाजिरी माफी पर कोर्ट की सख्ती
बता दें कि काला हिरण शिकार मामले में अभिनेता सलमान खान को 4 जुलाई को कोर्ट में पेश होना था, लेकिन वो नहीं पहुंचे थे. उनके वकील हस्तीमल सारस्वत ने हाजिरी माफी पेश की और इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि सलमान क्यों पेश नहीं हुए? अगली पेशी पर सलमान को पेश करें, नहीं तो जमानत खारिज कर दी जाएगी.



गैरहाजिर सलमान को कोर्ट ने किया तलब
डीजे ग्रामीण कोर्ट ने पिछली सुनवाई में सलमान के वकील से कहा था कि लंबे समय से सलमान हाजिरी माफी ले रहे हैं. संभव हो सके तो अगली पेशी के दौरान उन्हें पेश होने के लिए कहें. सलमान के वकील निशांत बोड़ा ने 4 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान भी सलमान के नहीं पहुंचने पर उनकी ओर से कोर्ट में हाजिरी माफी पेश की थी.

क्या है पूरा मामला
वर्ष 1998 में सूरज बड़जात्या की फिल्म 'हम साथ साथ हैं' की शूटिंग के दौरान सलमान खान और सह कलाकारों पर कांकाणी गांव में काले हिरण के शिकार का आरोप लगा था, जिसमें सलमान को दोषी मानते हुए सीजेएम देवकुमार खत्री की कोर्ट ने उन्हें पांच साल की सजा सुनाई थी. कोर्ट ने इस मामले में सैफ अली खान, नीलम, तब्बू, सोनाली और दुष्यंत सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था.

पहली बार गिरफ्तारी
12 अक्टूबर, 1998 को इस मामले में पहली बार सलमान खान की गिरफ्तारी हुई थी. जिसके बाद अगले ही दिन जोधपुर के वन्य विभाग के दफ्तर में जांच अधिकारियों ने सलमान खान और गवाहों के बयान दर्ज किए थे. बयान दर्ज करने का ये पूरा सिलसिला कैमरे में कैद हुआ.

कमरे से बरामद हुईं पिस्टल और राइफल
पांच दिन जेल में रहने के बाद 17 अक्टूबर को सलमान जमानत पर जोधपुर जेल से रिहा हुए. गिरफ्तारी के दौरान सलमान के कमरे से पुलिस ने पिस्टल और राइफल बरामद की थी. इन हथियारों की लाइसेंस अवधि खत्म हो चुकी थी. लिहाजा सलमान पर आर्म एक्ट के तहत चौथा केस भी दर्ज हुआ था.

हो सकती है अधिकतम 6 साल की सजा
वाइल्ड लाइफ एक्ट की धारा 149 के तहत काला हिरण का शिकार करने पर सात साल के अधिकतम कारावास की सजा का प्रावधान है. कुछ साल पहले तक ये सजा छह साल थी. अदालत इस मामले में कम सजा भी सुना सकती है. सलमान खान का ये प्रकरण इक्कीस साल पुराना है, ऐसे में अधिकतम छह वर्ष के कारावास की सजा का प्रावधान ही लागू होगा.

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