निलंबित IAS निर्मला मीणा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी

निर्मला मीणा ने आठ करोड़ रुपए का अतिरिक्त गेहूं का आवंटन करवाकर ठेकेदार सुरेश उपाध्याय व स्वरूपसिंह राजपुरोहित की आटा मील में भिजवा दिया था. जांच के बाद राज्य सरकार ने निर्मला मीणा को निलम्बित कर दिया था.


Updated: April 17, 2018, 6:28 PM IST
निलंबित IAS निर्मला मीणा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी
निर्मला मीणा ने आठ करोड़ रुपए का अतिरिक्त गेहूं का आवंटन करवाकर ठेकेदार सुरेश उपाध्याय व स्वरूपसिंह राजपुरोहित की आटा मील में भिजवा दिया था. जांच के बाद राज्य सरकार ने निर्मला मीणा को निलम्बित कर दिया था.

Updated: April 17, 2018, 6:28 PM IST
जिला रसद विभाग से करीब आठ करोड़ रुपए का पैंतीस हजार क्विंटल गेहूं का अतिरिक्त आवंटन कर गबन करने के मामले में निलम्बित आईएएस व तत्कालीन जिला रसद अधिकारी निर्मला मीणा को राजस्थान हाईकोर्ट ने झटका दिया है. हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है. अग्रिम जमानत अर्जी पर गत शुक्रवार को सुनवाई पूरी करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस विजय विश्नोई की कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.

जोधपुर की तत्कालीन डीएसओ निर्मला मीणा पर आरोप है कि लगभग पैंतीस हजार क्विंटल गेहूं गलत तरीके से वितरित किया गया था. एसीबी ने अपनी जांच में पाया था कि तत्कालीन डीएसओ ने सिर्फ मार्च 2016 में तैंतीस हजार परिवार नए जोड़े और उच्चाधिकारियों को स्वयं की ओर से प्रेषित रिपोर्ट में अंकित कर 35 हजार 20 क्विंटल गेहूं अतिरिक्त मंगवा लिया था.

नए जोड़े गए परिवारों को ऑनलाइन नहीं किया गया. मीणा ने आठ करोड़ रुपए का अतिरिक्त गेहूं का आवंटन करवाकर  ठेकेदार सुरेश उपाध्याय व स्वरूपसिंह राजपुरोहित की आटा मील में भिजवा दिया था. जांच के बाद राज्य सरकार ने आईएएस अधिकारी निर्मला मीणा को निलम्बित कर दिया था. बाद में आटा मील मालिक स्वरूपसिंह राजपुरोहित ने भी पूछताछ में कबूल किया था कि उसने 105 ट्रक में दस हजार पांच सौ 500 क्विंटल गेहूं की कालाबाजारी की है.

(चंद्रशेखर व्यास की रिपोर्ट)
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