जोधपुर: टाउते तूफान आया तो घबराया प्रशासन, जर्जर भवनों का कराया सर्वे, 116 को थमाया मकान खाली करने का नोटिस

जोधपुर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. (सांकेतिक तस्वीर)

जोधपुर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. (सांकेतिक तस्वीर)

Heavy rain warning in Jodhpur: तूफान सिर पर आ जाने के बाद जोधपुर जिला प्रशासन की नींद उड़ गई है. अब उसने आनन-फानन में शहर के भीतरी इलाकों में स्थित जर्जर मकानों का सर्वे करवाकर 116 लोगों को मकान खाली करने का नोटिस थमाया है.

  • Share this:

जोधपुर. चक्रवाती तूफान टाउते (Tauktae cyclone) ने सनसिटी जोधपुर में नगर निगम प्रशासन की नींद उड़ा दी है. हमेशा की तरह लेट लतीफ चलने वाले जोधपुर प्रशासन की नींद इस बार भी तब खुली है जब तूफान जब सिर पर आ खड़ा हुआ है. तूफान के कारण भारी बारिश की चेतावनी (Heavy rain warning) के बाद नगर निगम ने शहर की जर्जर इमारतों का आनन-फानन में सर्वे कर 116 लोगों को नोटिस जारी कर उन्हें तुरंत मकान खाली करने के आदेश थमा दिए हैं.

टाउते तूफान को देखते हुए जोधपुर शहर में अगले 72 घंटे को लेकर हाई अलर्ट घोषित किया गया है. हाई अलर्ट के बाद नगर निगम के अफसरों की नींद उड़ गई. शहर में भारी बारिश की चेतावनी के चलते नगर निगम ने जर्जर मकानों को लेकर आनन फानन में सर्वे किया. नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक दिन में ही शहर के भीतरी इलाकों में स्थित मकानों के सर्वे कर 116 लोगों को नोटिस जारी कर दिया. उनको तत्काल मकान खाली करने को कहा गया है.

जर्जर मकानों में रहने वालों को शिफ्ट करने की तैयारी

निगम आयुक्त ने बताया कि 18 मई से 20 मई तक जोधपुर शहर में टाउते तूफान को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है. इस तूफान में भारी बारिश और तेज आंधी चलने की चेतावनी जारी की गई है. लिहाजा भीतरी शहर में बरसों पुराने जर्जर मकानों का सर्वे किया गया है. सर्वे में 116 मकान जर्जर हालत में पाए गए हैं. उनको नोटिस जारी कर मकान खाली करने के निर्देश दिए गए हैं. इन मकानों में रहने वाले परिवारों को निगम तत्काल शिफ्ट करने जा रहा है.
अधिकांश जर्जर मकानों में प्रोपर्टी विवाद

सभी जर्जर मकान जोधपुर नगर निगम उत्तर में ही सामने आए हैं. भीतरी शहर में बरसों पुराने बने मकान अब जर्जर हालत में हैं. इन जर्जर मकानों में अधिकांश का प्रोपर्टी विवाद चल रहा है. इन मकानों में या तो संपति बंटवारे का विवाद है या फिर किराएदार से विवाद चल रहा है. ऐसे में निगम के सामने इनको खाली करवाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज