आसाराम मामले की सुनवाई जेल में कराने की याचिका पर सुनवाई 29 को

कोर्ट में पेशी के लिए जाते आशाराम 
फोटो- ईटीवी
कोर्ट में पेशी के लिए जाते आशाराम फोटो- ईटीवी

यौन उत्पीडन के आरोपी आसाराम मामले की सुनवाई सेंट्रल जेल में करवाने को लेकर दायर पुलिस विभाग की याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. जस्टिस गोपाल कृष्ण व्यास व जस्टिस विनीत माथुर की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई की. अगली सुनवाई अब 29 जनवरी को होगी.

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यौन उत्पीड़न के आरोपी आसाराम मामले की सुनवाई सेंट्रल जेल में करवाने को लेकर दायर पुलिस विभाग की याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. जस्टिस गोपाल कृष्ण व्यास व जस्टिस विनीत माथुर की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई की.  इस दौरान पिछली सुनवाई पर उदय मंदिर पुलिस थाने के सीआई की आसाराम के वकील के साथ कथित दुर्व्यव्हार के मामले में बुधवार को स्पष्टीकरण व शपथ पत्र पेश किया गया. सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता सुराणा खुद भी कोर्ट में मौजूद रहे. अगली सुनवाई अब 29 जनवरी को होगी.

सरकार की ओर से एएजी शिवकुमार व्यास ने पैरवी करते हुए पक्ष रखा . उन्होंने कहा कि सीआई के शपथ में बताया गया है कि हाईकोर्ट के आदेश से धारा 144 प्रभावी होने के चलते ऐसा कदम उठाया गया लेकिन अधिवक्ता के साथ दुर्व्यवहार की मंशा नही थी इसके लिए माफी भी मांगी गई. वही  अधिवक्ता एमआर सिंघवी ने कहा कि हाईकोर्ट ने 14 सितम्बर 2015 को आदेश दिया था उसमें धारा 144 का उल्लेख था, लेकिन कहा कि घटना के दिन वहां धारा 144 लागू नही थी. इसलिए सीआई साहब की ओर से पेश शपथपत्र गलत है.

हाईकोर्ट ने भी मौखिक रूप से नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि ऐसा है तो सीआई के खिलाफ विभागीय कारवाई होनी चाहिए. हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर 29 जनवरी को पुन:स्पष्टीकरण पेश करने आदेश दिए है.



 
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