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जोधपुर में गाय के मालिकाना हक का अनूठा फैसला, गाय ने दी गवाही! यहां पढ़ें पूरा मामला
Jodhpur News in Hindi

News18 Rajasthan
Updated: June 16, 2019, 10:34 AM IST
जोधपुर में गाय के मालिकाना हक का अनूठा फैसला, गाय ने दी गवाही! यहां पढ़ें पूरा मामला
मालिकाना हक के विवाद में गाय। फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।

जोधपुर में एक गाय के मालिकाना हक को लेकर चल रहे विवाद में आखिरकार कोर्ट ने शनिवार को अपना फैसला सुना दिया. कोर्ट ने कांस्टेबल ओमप्रकाश विश्नोई को गाय का असली मालिक मानते हुए उनके पक्ष में फैसला दिया है.

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जोधपुर में एक गाय के मालिकाना हक को लेकर चल रहे विवाद में आखिरकार कोर्ट ने शनिवार को अपना फैसला सुना दिया. कोर्ट ने कांस्टेबल ओमप्रकाश विश्नोई को गाय का असली मालिक मानते हुए उनके पक्ष में फैसला दिया है. गाय के मालिकाना हक का फैसला करने के लिए कई तरह के तरीके इस्तेमाल किए गए, लेकिन आखिर काम आया प्राकृतिक न्याय का सिद्धांत. खुद गाय ने गवाही दे दी कि उसका मालिक कौन है! गाय की गवाही के बाद कोर्ट ने मालिक के पक्ष में फैसला सुना दिया.

यह है पूरा मामला
दरअसल, जोधपुर के मंडोर थाना इलाके के निवासी कांस्टेबल ओमप्रकाश विश्नोई और शिक्षक श्यामलाल के बीच एक गाय को लेकर विवाद चल रहा था. ओमप्रकाश इस गाय को अपनी बता रहा था. दूसरी तरफ श्यामलाल ने ओमप्रकाश पर गाय कब्‍जाने का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ मंडोर थाने में प्राथमिकी दर्ज करवा दी. पहले थाना स्तर पर मामले को सुलझाने के प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं तो प्रकरण कोर्ट पहुंचा.

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सीसीटीवी से नहीं बनी बात


वहां दोनों से गाय के स्वभाव के बारे में पूछा गया. श्यामलाल ने कहा कि बछड़ा होने के बाद उसकी गाय खुद का दूध खुद ही पीती है. इस पर गाय को एक गौशाला में रखवा दिया गया. जब उसने एक बछड़े को जन्म दिया, तब गाय को 50 घंटे तक सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रखकर रिकॉर्डिंग की गई, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गाय खुद का दूध खुद पीती है या नहीं? लेकिन, यह मशक्कत काम नहीं आई और सीसीटीवी कैमरे से यह पता नहीं चल पाया कि गाय खुद का दूध पीती है या नहीं.

गाय का कराया गया सत्यापन
उसके बाद मामले की सुनवाई महानगर मजिस्ट्रेट संख्या-3 में हुई. कई गवाहों की गवाही दर्ज कराई गई. एक बार गाय को कोर्ट में भौतिक सत्यापन के लिए पेश किया गया. खुद मजिस्ट्रेट ने अपने कक्ष के बाहर आकर गाय का सत्यापन किया. इसके बाद कोर्ट ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत को अपनाते हुए यह फैसला लिया कि गाय को दोनों दावेदारों के घर के बीच खड़ी कर दी जाए. गाय जिसके भी घर जाएगी वही उसका मालिक होगा.

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पूरी कार्यवाही की करवाई गई वीडियोग्राफी
इस पूरी प्रक्रिया के लिए कोर्ट ने एक अधिकारी को नियुक्त किया. गाय को ले जाया गया और दोनों दावेदारों के घर के बीच खड़ा कर दिया गया. गाय ओमप्रकाश के घर चली गई. इस पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी करवाई गई. उसके बाद शनिवार को कोर्ट ने ओमप्रकाश के पक्ष में फैसला दे दिया. ओमप्रकाश इस फैसले से खुश है. वहीं श्यामलाल का कहना है कि वह इस आदेश को ऊपरी अदालत में चुनौती देंगे.

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First published: June 16, 2019, 9:57 AM IST
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