जोधपुर में बच्‍चों पर कोरोना की काली छाया, 23 दिनों में सामने आए 648 पॉजिटिव केस

जोधपुर में मेडिकल कॉलेज में 90 बेड का एनआईसीयू बनाने पर काम शुरू किया जा चुका है.

जोधपुर में मेडिकल कॉलेज में 90 बेड का एनआईसीयू बनाने पर काम शुरू किया जा चुका है.

Corona attacked on children in Jodhpur: कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से पहले ही राजस्‍थान के दूसरे सबसे बड़े शहर जोधपुर में बच्चे कोविड-19 संक्रमण की चपेट में आने लगे हैं.

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जोधपुर. देश में कोरोना की तीसरी लहर (Third wave of corona) आने की आशंका के बीच COVID-19 की चपेट में बच्‍चे भी आने लगे हैं. जोधपुर जिले में गत 23 दिनों में ही 648 बच्चे कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं. हालांकि, राहत की बात यह रही कि बहुत कम बच्चों (Children) को अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा है. ज्यादातर बच्चों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि तो हुई है, लेकिन उनमें कोरोना के लक्षण नहीं मिलने के चलते उन्हें घर पर ही आइसोलेशन में रखा गया है.

जोधपुर में 23 दिनों में 648 बच्चों के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद जिला प्रशासन हाई अलर्ट मोड पर है. जिला कलेक्टर इंद्रजीत सिंह ने कहा कि बच्चों के कोरोना संक्रमण की चपेट में आने के मामलों पर प्रशासन नजर रखे हुए है. कलेक्‍टर ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव होने वाले बच्चों की संख्या तो शहर में बढ़ी है, लेकिन उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाने जैसी स्थिति फिलहाल सामने नहीं आई है.

तीसरी लहर का मुकाबला करने तैयारियां शुरू

एक ओर शहर में जहां बच्चों में कोरोना संक्रमण का ग्राफ बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर तीसरी लहर को देखते हुए जोधपुर में मेडिकल कॉलेज में 90 बेड का एनआईसीयू बनाने पर काम शुरू किया जा चुका है. राज्य सरकार ने जोधपुर में अस्पतालों के अपग्रेडेशन के लिए 36 करोड़ रुपए जारी किए हैं. इसमें से 60 बेड का एनआईसीयू तो एमडीएम अस्पताल में बनेगा. 30 बेड का दूसरा एनआईसीयू उम्मेद अस्पताल में बनने जा रहा है. मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. एसएस राठौड़ ने बताया कि राज्य सरकार के सहयोग से शहर के अस्पतालों में 90 बेड का एनआईसीयू बन रहा है.

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