भ्रष्टाचार की कहानी: तीन लाइन की चिट्ठी और आठ करोड़ का घोटाला

निलंबित आईएएस निर्मला मीणा। फोटो: न्यूज18 राजस्थान
निलंबित आईएएस निर्मला मीणा। फोटो: न्यूज18 राजस्थान

भ्रष्टाचार से अकूत संपत्ति अर्जित करने वाली निलंबित आईएएस निर्मला मीणा महज तीन लाइन की चिट्ठी लिखकर आठ करोड़ के 35 हजार 20 क्विंटल गेहूं का घोटाला कर गई और किसी को कानोंकान तक खबर नहीं होने दी.

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भ्रष्टाचार से अकूत संपत्ति अर्जित करने वाली निलंबित आईएएस निर्मला मीणा महज तीन लाइन की चिट्ठी लिखकर आठ करोड़ के 35 हजार 20 क्विंटल गेहूं का घोटाला कर गई और किसी को कानोंकान तक खबर नहीं होने दी. लेकिन जब मामला खुला और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शिकंजा कसा तो मीणा अग्रिम जमानत के लिए अदालतों के दरवाजे खटखटाती घूमती रही. अंतत: जब पार नहीं पड़ी को खुद को एसीबी के समक्ष सरेंडर कर दिया.

कुछ ऐसी ही है निलंबित आईएएस निर्मला मीणा के गेहूं घोटाले की कहानी. जोधपुर सेंट्रल जेल में बतौर आरोपी जाने वाली पहली महिला आईएएस अफसर निर्मला मीणा लंबे अर्से तक जोधपुर में पदस्थापित रही हैं. तत्कालीन डीएसओ निर्मला मीणा पर आरोप है कि लगभग पैंतीस हजार क्विंटल गेहूं को गलत तरीके से वितरित किया गया था. आठ करोड़ के गेहूं घोटाले की इबारत लिखने वाली निर्मला मीणा ने मार्च 2016 में जयपुर रसद विभाग को तीन लाइन की एक चिट्‌ठी लिखी। चिट्ठी में उसने बताया कि शहर में 33 हजार परिवार बढ़ गए हैं. इसलिए 35 हजार क्विंटल अतिरिक्त गेहूं आवंटित किया जाए. एसीबी की जांच में खुलासा हुआ कि तत्कालीन डीएसओ मीणा ने सिर्फ मार्च 2016 में तैंतीस हजार परिवार नये जोड़े और उच्चाधिकारियों को स्वयं की ओर से प्रेषित रिपोर्ट में अंकित कर 35 हजार 20 क्विंटल गेहूं अतिरिक्त मंगवा लिया था. लेकिन नये परिवारों को ऑनलाइन नहीं किया गया.

बाद में यह गेहूं ठेकेदार सुरेश उपाध्याय व स्वरूपसिंह राजपुरोहित की आटा मिल में भिजवा दिया गया. जांच के दौरान बाद में आटा मील मालिक स्वरूप सिंह राजपुरोहित ने भी पूछताछ में कबूल किया था कि उसने 105 ट्रक में दस हजार पांच सौ क्विंटल गेहूं काला बाजार में बेचा है.



उल्लेखनीय है गेहूं घोटाले में फंसी निलंबित आईएएस निर्मला मीणा ने गत 16 मई को एसीबी के समक्ष सरेंडर किया था. इसके बाद मीणा को रिमांड लेकर घोटाले के बारे में पूछताछ की गई. इस मामले की अहम कड़ी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के तत्कालीन उपायुक्त व आरएएस अधिकारी मुकेश मीणा से पूछताछ की गई. इस मामले में एसीबी ने निर्मला मीणा व मुकेश मीणा को आमने सामने बैठाकर पूछताछ की है.
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