पाली में खाप पंचायत का तुगलकी फरमान, सवा पांच लाख रुपए का जुर्माना वसूला

खाप पंचायतों (Khap Panchayat) पर भले ही देश में कानूनन रोक हो, लेकिन अदालतों (courts) के समानांतर जोधपुर संभाग (Jodhpur Division) समेत राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में आज भी गांवों में खाप पंचायतें होती हैं.

Chandra Shekhar Vyas | News18 Rajasthan
Updated: August 13, 2019, 3:08 PM IST
पाली में खाप पंचायत का तुगलकी फरमान, सवा पांच लाख रुपए का जुर्माना वसूला
पीड़ित भंवरलाल काला। फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।
Chandra Shekhar Vyas | News18 Rajasthan
Updated: August 13, 2019, 3:08 PM IST
खाप पंचायतों (Khap Panchayat) पर भले ही देश में कानूनन रोक हो, लेकिन अदालतों (courts) के समानांतर जोधपुर संभाग (Jodhpur Division) समेत राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में आज भी गांवों में खाप पंचायतें होती हैं. जोधपुर संभाग में पिछले दिनों एक मामला सामने आया जिसमें खाप पंचायत ने एक व्यक्ति पर सवा पांच लाख का जुर्माना ठोक दिया. यही नहीं उससे वह जुर्माना वसूल भी कर लिया गया. पीड़ित ने खाप पंचायत की इस ज्यादती के खिलाफ पुलिस में शिकायत तो दर्ज करा दी, लेकिन कार्रवाई कुछ भी नहीं हुई. लिहाजा अब पीड़ित हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने जा रहा है.

पाली जिले से जुड़ा है खाप पंचायत का मामला
खाप पंचायत का यह मामला पाली जिले के जैतारण तहसील में स्थित झुंझुंडा गांव से जुड़ा हुआ है. इसी वर्ष 6 जून को जाट समाज में जमीन के एक मामले को लेकर खाप पंचायत का आयोजन किया गया. इसमें 8 पट्टी के और 4 पट्टी के पंचों ने मिलकर भंवरलाल काला पर सवा पांच लाख का जुर्माना ठोककर उससे वसूल भी कर लिया. कानून से बचने के लिए पंचों ने फैसला सुनाए जाने के दौरान साफ कहा कि यदि कोई व्यक्ति मोबाइल से वीडियो बनाएगा या पुलिस में इसकी शिकायत करेगा तो वह समाज का दोषी माना जाएगा. उस पर भी आर्थिक दंड लगाया जाएगा. इसके साथ ही पीड़ित व उसके परिवार को सामाजिक रूप से बहिष्कृत कर दिया गया.

शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

इस दौरान पीड़ित भंवरलाल ने खाप पंचायत के सामने अपने तर्क भी रखे, लेकिन वे सिरे से खारिज कर दिए गए. भंवरलाल काला ने इस मामले में जैतारण पुलिस थाने में एक दर्जन से अधिक पंचायतीदारों के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन नतीजा सिफर रहा. अब वह जल्द ही राजस्थान उच्च न्यायालय में इस मामले को लेकर एक याचिका दायर करने जा रहा है.

यह है पूरा मामला
भंवरलाल काला की झुंझुंडा गांव में साढ़े पांच सौ बीघा जमीन है. खाप पंचायत इसको गोचर भूमि घोषित करने की जिद पर अड़ी है. पीड़ित का कहना है कि आजादी के बाद उसके परिजनों ने जोधपुर राजपरिवार से इस जमीन को खरीदा था. उसका म्यूटेशन भी भर दिया गया था. इसके साथ ही उसका परिवार समय-समय पर बिगोड़ी (भूमिकर) भी भरते रहे हैं.
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First published: August 13, 2019, 3:03 PM IST
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