Positive India: केन्द्रीय मंत्री शेखावत की टीम ने 7 दिन में बना डाला 120 बेड का अत्याधुनिक कोविड सेंटर

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने बताया कि इसके लिये गैस सिलेंडर दुबई से आए हैं तो मॉनिटर्स लंदन से. ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जर्मनी से खरीदे गए हैं.

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने बताया कि इसके लिये गैस सिलेंडर दुबई से आए हैं तो मॉनिटर्स लंदन से. ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जर्मनी से खरीदे गए हैं.

Efforts of Union Minister Gajendra Singh Shekhawat: केन्द्रीय मंत्री शेखावत की टीम ने दिन रात मेहनत कर जोधपुर में महज सात दिन में 120 बेड्स का अत्याधुनिक कोविड सेंटर बना डाला. इसे जोधपुर एम्स को सौंपा गया है.

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जोधपुर. केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) और उनकी टीम ने मात्र 7 दिन में सूर्यनगरी में अत्याधुनिक अटल कम्युनिटी कोविड रिलीफ सेंटर (Atal Community Covid Relief Center) तैयार कर दिया है. सोमवार को केंद्रीय मंत्री शेखावत के सानिध्य में शेर सिंह, दीपक और मुन्ना समेत अन्य सफाईकर्मियों ने पूजन कर सेंटर को एम्स की टीम को सौंप दिया. राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान में करोड़ रुपए की लागत से बने 120 बेड के इस सेंटर में ऑक्सीजन और मॉनिटर जैसी सभी सुविधाएं मौजूद हैं. शेखावत ने कहा कि यह सेंटर जोधपुर एम्स का एक्सटेंशन विंडो है. एम्स की टीम ही यहां मरीजों का इलाज करेगी.

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि 19 अप्रैल को जिला प्रशासन को हॉस्पिटल बनाने के लिए प्रस्ताव दिया था. जिला कलेक्टर से कहा था कि 1 रुपए से दस करोड़ रुपए तक जो भी खर्च आएगा वो सब हम लोग करेंगे. बकौल शेखावत वे जब एक मई को दिल्ली से जोधपुर लौटे तो पाया कि जोधपुर में एक-एक बेड के लिए लोग रात-रात भर इंतजार कर रहे हैं. लोग परेशान और दुःखी हैं. शेखावत ने कहा कि उन्हें अत्यंत प्रसन्नता है कि ऐसी विपरीत परिस्थितियों में जब देश में कहीं भी इस तरह का चिकित्सीय संस्थान खड़ा करने के लिए उपकरण, संसाधन नहीं मिल रहे हैं तो सभी मित्रों की सहायता से ये सेंटर इस तरह से खड़ा किया गया है. यहां 120 मरीज ऑक्सीजन और आईसीयू सुविधा के साथ भर्ती हो सकेंगे.

दुनियाभर से साथियों ने किया सहयोग

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में रहने वाले साथियों ने इस सेंटर को बनाने में सहयोग किया है. गैस सिलेंडर दुबई से आए हैं तो मॉनिटर्स लंदन से. ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जर्मनी से खरीदे गए हैं. कुल मिलाकर जो चीज जहां से मिली वहां से व्यवस्थाओं को खड़ा करके यह सेंटर बनाया गया है. शेखावत ने कहा कि एम्स डायरेक्टर और हमने बैठकर तय किया है कि टियर वन और टियर टू को हम यहां रखें. गंभीर मरीज जिन्हें वेंटिलेटर की जरूरत है उन्हें आगे एम्स या मथुरादास माथुर अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा.
AIIMS, MGH और MDM पर कम होगा दबाव 

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने बताया कि पांच वेंटिलेटर बेड अगले दो तीन दिन के अंदर इंग्लैंड से आ रहे हैं. अगर हम तीन लेवल पर मरीजों को कैटिगराइज करें तो माइल्डक और मॉडरेट केस को यहां रखकर भेज सकते हैं ताकि एम्स, महात्मा गांधी और मथुरादास अस्पताल पर दबाव कम होगा. फिलहाल जोधपुर शहर और जोधपुर जिले के साथ ही पूरे संभाग के मरीजों का इन तीनों अस्पतालों पर भारी दबाव है.  यहां एम्स‍ प्रशिक्षित डॉक्टर और स्टाफ 24 घंटे मौजूद रहेगा. यहां एम्स क्रिटिकल केयर डिपार्टमेंट के हेड डॉ. प्रदीप भाटिया की ओर से टेलीमेडिसिन की सेवा दी जा रही हैं.

सेंटर की खासियतें



1. एम्स के डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ मरीजों की देखभाल करेगा.

2. 120 बेड पर ऑक्सीजन प्वाइंट की सुविधा फ्लो मीटर के साथ रहेगी.

3. हर बेड के समीप मल्टी पैरा मॉनिटर रहेगा.

4. सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी.

5. मरीजों का डाइट चार्ट प्लान एम्स के अनुसार होगा.

6. दो बड़े वार्ड्स के साथ 20 कमरों में दो-दो बेड लगाए गए हैं.

7. विद्युत आपूर्ति बाधित न हो इसके लिए बड़ा जनरेटर लगाया गया है.

8. ठंडे पानी के चार वाटर कूलर और वाटर डिस्पेंसर लगाए गए हैं.

9. सेंटर पर कार्यरत समस्त स्टाफ और मरीजों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाएगा.

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