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Rajasthan: अपणायत के शहर में जोधपुर के बच्चों की अनोखी पहल, स्ट्रीट डॉग्स के लिये शुरू की ये बड़ी मुहिम

चार बच्चों ने अनलॉक वन से इस काम को शुरू किया था. उसके बाद से अब तक इस सोसायटी में तीन दर्जन बच्चे जुड़ चुके हैं.
चार बच्चों ने अनलॉक वन से इस काम को शुरू किया था. उसके बाद से अब तक इस सोसायटी में तीन दर्जन बच्चे जुड़ चुके हैं.

जोधपुर शहर में कुछ बच्चों ने स्ट्रीट डॉग्स (Street dogs) के लिये एक अनोखी मुहिम शुरू की है. ये बच्चे एक सोसायटी बनाकर स्ट्रीट डॉग्स को संक्रमण और हादसों (Infections and accidents) से बचाने का काम कर रहे हैं.

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जोधपुर. सनसिटी जोधपुर को अपणायत का शहर कहा जाता है. यही कारण है कि यहां के कुछ बच्चों ने अपणायत भरा काम शुरू किया है. शहर के चार बच्चों ने स्ट्रीट डॉग्स (Street dogs) को संक्रमण और दुर्घटना से बचाने के लिए एक अनोखी पहल की है. इसको देखकर हर कोई उनको सलाम कर रहा है. चार बच्चों से शुरू हुआ यह अभियान अब तीन दर्जन बच्चों तक अपनी पहुंच बना चुका है।. यह अनोखा ग्रुप (Unique group) अपनी पॉकेट मनी से स्ट्रीट डॉग्स के लिए काफी बेहतरीन काम कर रहा है.

स्ट्रीट डॉग्स के लिए दया भाव रखने वाले चार बच्चों ने जोधपुर शहर में 'डू लिटिल वेलफेयर सोसाइटी' बनाकर काम शुरू किया. वैसे तो स्ट्रीट डॉग्स के लिए हर कोई खाना सड़क पर डालकर उनका पेट भरने का प्रयास करता है. लेकिन सड़क पर खाना डालने से स्ट्रीट डॉग्स में संक्रमण फैलने का खतरा रहता है. इससे बचाने के लिये इन बच्चों ने इस अनोखी मुहिम को शुरू किया है. बच्चों ने स्ट्रीट डॉग्स को खाना भोजन पात्र में रखकर उनको खिलाने की मुहिम शुरू की है. इसके लिये बच्चों ने सीमेंट के डिजायनर भोजन पात्र बनवाये हैं. इन बच्चों ने अपनी पॉकेट मनी से स्ट्रीट डॉग्स के गले मे रेडियम का बेल्ट लगाना शुरू किया ताकि अंधेरे में कोई वाहन इनकी जान ना ले ले.

सोसायटी से अब तक तीन दर्जन बच्चे जुड़ चुके हैं
डू लिटिल वेलफेयर सोसायटी के बैनर तले काम करने वाले इन चार बच्चों ने अनलॉक वन से इस काम को शुरू किया था. सोसायटी के सदस्य मोनू और रश्मि बताते हैं कि शुरुआत में उन्होंने हाई-वे पर स्ट्रीट डॉग्स के गले मे रिफ्लेक्टिव बेल्ट लगाये ताकि उन्हें दुघर्टना से बचाया जा सके. इसके बाद इन बच्चों ने शहरभर से इन डॉग्स के लिए रोटी इकट्ठा करना शुरू किया. फिर अपनी पॉकेट मनी से भोजन पात्र बनवाये और उनको जगह-जगह रखकर डॉग्स के लिए खाना देना प्रारंभ किया. अनलॉक से अब तक इस सोसायटी में तीन दर्जन बच्चे जुड़ चुके हैं.
विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष ने बच्चों की पहल को सराहा


इन बच्चों की अनोखी पहल को देखकर जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष रविंद्र सिंह भाटी भी इन से मुलाकात करने पहुंचे. भाटी ने कहा कि वे बच्चों की पहल का स्वागत करते हैं. उन्होंने युवाओं से भी इस तरह के सामाजिक कार्य करने की अपील की है.
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