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जोधपुर में नहीं होगी पानी की किल्लत, 2166 गांवों के साथ इन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ

पानी की किल्लत को दूर करने के लिए इस महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट को देखते अधिकारी

पानी की किल्लत को दूर करने के लिए इस महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट को देखते अधिकारी

जब बात राजस्थान की आती है तो सबसे पहला छायाचित्र दिमाग में रेगिस्तान का और सूखे का दिखता है. बात अगर जोधपुर की करें तो ...अधिक पढ़ें

    रिपोर्ट: मुकुल परिहार

    जोधपुर. थार के मरुस्थल का प्रवेश द्वार कहे जाने वाला जोधपुर जल्द ही अपने जल की समस्या से निजात पाने वाला है. यहां अब हिमालय के अतिरिक्त पानी को जोधपुर लाने के लिए राजीव गांधी लिफ्ट नहर तृतीय चरण परियोजना ने गति पकड़ ली है. गुजरात के अंजार से 2 व 1.8 मीटर व्यास के पाइप मौके पर पहुंचना भी शुरू हो गए हैं. अब तक 8.8 किलोमीटर लंबाई के पाइप पहुंच चुके हैं. इनकी लाइनिंग का कार्य जारी है. इस माह के अंत से इन पाइप को लगाने का कार्य शुरू हो जाएगा.

    1799 करोड़ की यह परियोजना मई 2025 में पूरी होगी यानि करीब ढाई साल बाद जोधपुर को अतिरिक्त पानी मिलना शुरू हो जाएगा. इसके बाद जोधपुर शहर के साथ ही 2154 गांव की पानी की समस्या से 30 साल तक कोई दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा और पानी की किल्लत से नहीं जूझना पड़ेगा.

    इंजीनियर्स बनाए हुए हैं लगातार निगरानी

    जोधपुर के लिए वर्तमान में इंदिरा गांधी नहर से 700 एमएलडी पानी छोड़ा जाता है. इसमें से गांवों को जलापूर्ति करने के बाद जोधपुर तक 380 एमएलडी पानी पहुंच पाता है. तीसरा चरण पूरा होने के बाद जोधपुर को कुल 396 एमएलडी पानी अतिरिक्त मिलना शुरू हो जाएगा. इसके बाद लिफ्ट कैनाल की कुल क्षमता 1030 एमएलडी हो जाएगी. इस पानी को लिफ्ट कर जोधपुर लाने के लिए चार पंप हाउस का निर्माण किया जाएगा. इससे वर्ष 2054 तक की शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की पेयजल मांग की पूर्ति हो सकेगी. पुरानी नहर की क्षमता भी धीरे-धीरे कम हो रही है. ऐसे में अभी 700 के बजाय 634 एमएलडी पानी ही लिया जा रहा है. इंजीनियर लगातार इस कार्य पर निगरानी बनाए हुए हैं.

    विशेष किस्म के लगाए जाएंगे पाइप

    इस परियोजना में 213 किलोमीटर लंबाई की स्टील की 2 मीटर व 1.8 मीटर व्यास की बड़ी साइज की पाइप लाइन मदासर गांव के पास प्रस्तावित एस्केप रिजर्वायर से जोधपुर तक वर्तमान राजीव गांधी नहर के साथ साथ लगाई जाएगी इसमें कुल चार उच्च क्षमता के पंप हाउस भी बनाए जाएंगे करीब 150 किलोमीटर की लंबाई में दो मीटर व्यास के पाइप लगाए जाएंगे शेष 63 किलोमीटर लंबाई में 1.8 मीटर व्यास के पाइप लगेंगे ढलान वाले क्षेत्र में 1.8 मीटर व्यास के पाइप लगाए जाएंगे जो एक विशेष किस्म के धातु से बने है

    यह कहना है इनका

    जोधपुर के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग परियोजना वृत जोधपुर के अधीक्षण अभियंता भंवरा राम चौधरी का कहना है कि इस योजना के क्रियान्वयन के बाद वर्तमान राजीव गांधी नहर को साथ में उपयोग करते हुए वर्ष 2054 तक की शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की पेयजल मांग की पूर्ति हो सकेगी जिससे जोधपुर शहर, फलोदी, पीपाड़, बिलाड़ा, भोपालगढ़ व समदड़ी कस्बे व जोधपुर जिले के 1830 गांव, बाड़मेर के 211 गांव, पाली के 126 गांव, कुल 2167 गांवों को लाभान्वित किया जा सकेगा. इनके अलावा योजना में रोहट में प्रस्तावित डीएमआईसी की भी 60 एमएलडी मांग भी सम्मिलित की गई है जहां इन सभी क्षेत्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा

    पाइप पर लाइनिंग कार्य जारी

    इस अति महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में संवेदक फर्म द्वारा स्टील पाइप की सप्लाई प्रारम्भ कर दी गई है एवं अब तक राजीव गांधी लिफ्ट केनाल की बुर्जी संख्या 58 के समीप स्थापित पाइप यार्ड में 8.8 किलोमीटर के पाइप की सप्लाई प्राप्त कर ली गई है. पाइपों के भीतरी सतह पर सीमेंट मोर्टार लाइनिंग एवं बाहरी सतह पर गनाईटिंग का कार्य पाइप यार्ड में किया जा रहा है वर्तमान में 5.5 किलोमीटर लाइनिंग का कार्य कर लिया गया है.

    यहां बनेंगे विशेष किस्म के पाइप

    गुजरात के अंजार से दो मीटर व्यास पाइप को लिफ्ट कैनाल तक परिवाहन कर लाना काफी मुश्किल व महंगा पड़ता है. एक ट्रोले में एक ही पाइप आ पाता है. ऐसे में रत्नामणि स्टील पाइप्स फलोदी में ही पाइप बनाने का प्लांट स्थापित करने जा रही है. फरवरी तक यह प्लांट शुरू हो जाएगा. इसके बाद पाइप सप्लाई में तेजी आएगी. पाइप निर्माण के लिए स्टील कॉइल्स की सप्लाई जिंदल स्टील कर रहा है जबकि कैनाल निर्माण का ठेका देश की प्रसिद्ध इंजीनियरिंग कंपनी एल एंड टी के पास में है. पाइप निर्माण फैक्ट्री साइट के समीप ही स्थापित करने से स्थानीय लोगों को रोजगार प्राप्त होना शुरू हो गया है.

    Tags: Jodhpur News, Rajasthan news in hindi

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