गेहूं घोटाला: आरोपी सस्पेंडेड IAS निर्मला मीणा को दो महीने बाद मिली जमानत

फाइल फोटो.
फाइल फोटो.

गेहूं घोटाले की मुख्य आरोपी सस्पेंडेड आईएएस अधिकारी निर्मला मीणा को आखिरकार बुधवार को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई.

  • Share this:
राजस्थान में 8 करोड़ रुपए मूल्य के 35 हजार क्विंटल गेहूं घोटाले की मुख्य आरोपी सस्पेंडेड आईएएस अधिकारी निर्मला मीणा को आखिरकार बुधवार को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई. कोर्ट ने निर्मला को 50 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत दी.

करीब दो महीने तक जोधपुर केंद्रीय कारागृह में रहने के बाद मीणा अब बाहर आएगी. जोधपुर में जिला रसद अधिकारी रहते हुए निर्मला मीणा पर गरीबों को बांटे जाने वाले गेहूं को आटा मिलों में बेचने का आरोप है. पहले सैशन कोर्ट, हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद से ही निर्मला मीणा भूमिगत हो गई थी. सुप्रीम कोर्ट से ​अग्रिम याचिका खारिज होने एवं एसीबी के दबाव के चलते मीणा ने 16 मई को जोधपुर स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) कार्यालय में सरेंडर किया था.

ये भी पढ़ें- भ्रष्टाचार की कहानी: तीन लाइन की चिट्ठी और आठ करोड़ का घोटाला



उल्लेखनीय है गेहूं घोटाले में फंसी निलंबित आईएएस निर्मला मीणा ने गत 16 मई को एसीबी के समक्ष सरेंडर किया था. इसके बाद मीणा को रिमांड लेकर घोटाले के बारे में पूछताछ की गई. इस मामले की अहम कड़ी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के तत्कालीन उपायुक्त और आरएएस अधिकारी मुकेश मीणा से पूछताछ की गई.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज