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करौली के एक ऐसे राजा जो अदृश्य होकर करते हैं अपनी प्रजा की रक्षा, जानें पूरी डिटेल

छतरी पर मनौती मांगते हुए भक्त

छतरी पर मनौती मांगते हुए भक्त

राजस्थान के करौली की स्थापना का प्रतीक माने जाने वाली भद्रावती नदी के तट पर महाराज गोपाल सिंह और उनके पिता कुंवर पाल की ...अधिक पढ़ें

    मोहित शर्मा/करौली. राजस्थान के करौली के महाराजाओं में गोपाल सिंह का नाम काफी महत्वपूर्ण रहा है. गोपाल सिंह के द्वारा करौली में कई विकास कार्य कराए गए जो आज भी यहां की ऐतिहासिकता को दर्शाते हैं. करौली के लोग आज भी गोपाल सिंह को लोक देवता के रूप में पूछते हैं. गोपाल सिंह के देहावसान के बाद उनकी याद में एक विशाल स्मारक बनाया गया, जिसे गोपाल सिंह की छतरी के नाम से जाना जाता है. यह विशाल छतरी एक ऊंचे चबूतरे और 20 मजबूत खंभों पर बनी हुई है. छतरी में की गई बारीक नक्काशी और चित्रकारी भी अद्भुत है.

    छतरी के पुजारी श्याम बाबू भट्ट बताते हैं कि महाराज गोपाल सिंह निधन के बाद भी अदृश्य होकर अपनी प्रजा की रक्षा करते हैं. सोमवार के दिन और दिवाली और दशहरे के अवसर पर महाराज गोपाल सिंह की विशेष पूजा अर्चना की जाती है. दीपावली के अवसर पर करौली नरेश कृष्ण चंद्र पाल और युवराज विवसवत पाल द्वारा श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी वितरित की जाती है.

    जानते हैं इनकी मान्यताओं के बारे में
    छतरी की सबसे खास बात यह है कि गोपाल सिंह की प्रतिमा के साथ ही छतरी में पंचमुखी महादेव और नंदी महाराज विराजमान हैं. ऐसी मान्यता है कि करौली में जब भी नव दंपत्ति की शादी होती है तो उनके द्वारा महाराज गोपाल सिंह की छतरी में श्रद्धा अनुसार विवाहित जोड़ों को भोजन कराया जाता है. ऐसा करने से नव दांपत्य जीवन सुख व कल्याणकारी रहता है.

    क्षेत्रीय मान्यताओं के अनुसार ऐसा भी माना जाता है यदि किसी घर में सर्प, बिच्छू और लाल चीटियां निकलती हैं तो यहां के लोग हाथ में मिट्टी लेकर गोपाल सिंह को ध्यान में रखकर प्रार्थना करते हैं, जिससे वह उनकी जहरीले कीटों से रक्षा करते हैं.

    जानिए कहां पर है यह छतरी :
    नदी गेट के पास ढोलीखार मोहल्ला
    करौली

    Gopal Singh Ji Ki Chhatri
    070146 66563
    https://maps.app.goo.gl/dapF8bDE2djN3wyZ8

    Tags: Karauli news, Rajasthan news

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