होम /न्यूज /राजस्थान /Karauli : ये हैं शहर में मौत के मोड़, इन ‘काले रास्तों’ पर पहुंचें तो बेहद सतर्क रहें

Karauli : ये हैं शहर में मौत के मोड़, इन ‘काले रास्तों’ पर पहुंचें तो बेहद सतर्क रहें

अगर आप करौली में हैं या आ रहे हैं तो जान लीजिए यहां कुछ जगह मौत हादसों का जाल बिछाती है. इन रास्तों पर गुज़रते समय हिदाय ...अधिक पढ़ें

    रिपोर्ट – मोहित शर्मा

    करौली : क्या आपको पता है कि आपके शहर में किन रास्तों पर जान जा सकती है? परिवहन विभाग के अफसरों ने शहर में ऐसे स्थानों को ‘ब्लैक स्पाॅट’ के तौर पर आइडेंटिफाई किया है और अब इन्हें दुरुस्त करवाया जा रहा है. असल में, राजस्थान में लगातार सड़क पर मौत का तांडव देखने को आए दिन मिलता रहता है जहां हर दूसरे दिन किसी ना किसी जिले में सड़क हादसे में लोग जान से हाथ धो बैठते हैं. राजस्थान में सड़क हादसों में होने वाली मौतों में करीब 40 फ़ीसदी नेशनल और स्टेट हाईवे पर हो रही हैं.

    देश में तीव्र गति से बढ़ रही वाहनों की संख्या के चलते सड़क दुर्घटना साधारण बात हो चुकी है. दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के आंकड़ों में भारत ने अमेरिका और चीन को भी पीछे कर दिया है. वर्तमान में लोग जल्दी और लापरवाही के कारण सड़क हादसे का शिकार हो रहे हैं- आए दिन हजारों लोग मारे जाते हैं.

    सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों पर नियंत्रण के लिए प्रदेश भर में सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए जिले के परिवहन अधिकारियों के लिए निर्देश जारी किए हैं. इसके बाद अधिकारियों द्वारा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों के सड़क मार्गों में कई ब्लैक स्पॉट चिन्हित किये गये हैं. इन ब्लैक स्पॉटों को दुरस्त करने का काम सार्वजनिक निर्माण विभाग और नेशनल और स्टेट हाईवे के अधिकारियों द्वारा किया जाता है.

    कहां-कहां हैं ब्लैक स्पॉट?

    जिले में बनाए गए ब्लैक स्पॉटो में अब तक 38 दुर्घटनाओं में 22 लोग जान गवा चुके हैं.

    – देवलेन मोड से लच्छी की प्याऊ 500 मीटर तक

    – पुराना टोल प्लाजा से फुल वाड़ा तक 500 मीटर

    – मासलपुर क्षेत्र में बिनेगा घाटी से लेकर भाऊआ पुरा मोड से 2 किलोमीटर तक

    – सूरौठ के जटनगला से लेकर मिल्कीपुरा तिराहे तक

    – हिंडौन सिटी के नेहरू कॉलेज से चौबे का बंद तक 2 किलोमीटर क्षेत्र

    – कुड़गांव से सलेमपुर तक 5 किलोमीटर क्षेत्र को चिन्हित किया गया है

    Tags: Karauli news

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें