चंबल नदी पर बने चारों बड़े बांध हुए लबालब, सभी के गेट एक साथ खोले, हाई अलर्ट जारी

मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में हो रही बारिश से चंबल (Chambal river) के चारों बांधों में लगातार पानी की भारी आवक हो रही है. चंबल नदी पर मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में बने गांधीसागर (Gandhi Sagar Dam) और राजस्थान में कोटा में बने राणाप्रताप सागर, जवाहर सागर व कोटा बैराज बांध (Kota Barrage Dam) के गेट एक साथ खोलकर पानी की निकासी की जा रही है.

News18 Rajasthan
Updated: August 27, 2019, 11:55 AM IST
चंबल नदी पर बने चारों बड़े बांध हुए लबालब, सभी के गेट एक साथ खोले, हाई अलर्ट जारी
कोटा बैराज से छोड़ा जा रहा पानी।
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Updated: August 27, 2019, 11:55 AM IST
मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में हो रही बारिश से चंबल (Chambal river) के चारों बांधों में लगातार पानी की भारी आवक हो रही है. ऐसे में चंबल नदी पर मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में बने गांधीसागर (Gandhi Sagar Dam) और राजस्थान में कोटा में बने राणाप्रताप सागर, जवाहर सागर व कोटा बैराज बांध (Kota Barrage Dam) के गेट एक साथ खोलकर पानी की निकासी की जा रही है. राजस्थान में जिन जिलों से होकर चंबल बह रही है उनमें जिला प्रशासन की ओर से धौलपुर तक नदी किनारे बसे गांवों और कस्बों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. कोटा शहर में चंबल किनारे बसी बस्तियों में भी हाई अलर्ट जारी करते हुए मुनादी करवा दी गई है.

गांधीसागर बांध के 3 स्लूज गेट खोले
गांधीसागर बांध की भराव क्षमता 1312 फीट है. इसके मुकाबले उसका जलस्तर 1310 फीट हो गया है. बांध में लगातार 2 लाख क्यूसेक पानी की आवक हो रही है. ऐेसे में मंगलवार को सुबह करीब 6 बजे बांध के 3 स्लूज गेट खोलकर चंबल नदी में 58 हजार क्यूसेक पानी की निकासी शुरू की गई है. इस बांध का पानी इसके नीचे राजस्थान में स्थित 3 बांधों में आता है. इनमें सबसे पहला बांध राजस्थान की सीमा में बांध राणाप्रताप सागर है. उसकी भराव क्षमता 1157.50 फीट है. इस बांध का लेवल 1156 फीट हो गया है. इस बांध में 69 हजार क्यूसेक पानी की आवक हो रही है. लिहाजा राणाप्रताप सागर बांध के 2 गेट खोलकर 64 हजार क्यूसेक पानी चंबल में छोड़ा जा रहा है.

कोटा बैराज के 8 गेट खोले

उसके बाद राजस्थान में चंबल पर जवाहर सागर बांध स्थित है. इस बांध की भराव क्षमता 980 फीट है, जबकि वर्तमान में बांध का जलस्तर 974 फीट बना हुआ है. यहां भी बांध में 69 हजार क्यूसेक पानी की आवक हो रही है. इस बांध के 6 गेट खोलकर 70,266 क्यूसेक पानी चंबल में छोड़ा जा रहा है. चंबल पर अंतिम बांध कोटा मुख्यालय पर कोटा बैराज बना हुआ है. इसकी भराव क्षमता 854 फीट है. इस बांध का वर्तमान में जलस्तर 851 फीट हो गया है. इस बांध में 70,266 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है. इस बांध के 8 गेट खोलकर 83,544 क्यूसेक पानी चंबल नदी में छोड़ा जा रहा है. गांधी सागर बांध के गेट खोलने से पहले उसके नीचे के बांधों को अलर्ट किया जाता है. पहले उनके गेट खुलवाए जाते हैं. उसके बाद गांधी सागर से पानी छोड़ा जाता है.

डूब क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश
जल संसाधन विभाग के मुताबिक गांधीसागर और राणाप्रताप सागर बांध फुल होने से हाड़ौती अंचल के किसानों की 2 लाख 29 हजार हैक्टेयर कृषि भूमि की 2 साल तक सिंचाई की जा सकेगी. साथ ही उद्योगों और पेयजल के लिए भी दो साल तक इन बांधों में पर्याप्त पानी है. वर्ष 2006 के बाद चंबल के चारों बांध एक साथ लबालब हुए हैं. जल संसाधन विभाग बांधों में हो रही पानी की आवक और उनसे छोड़े जा रहे पानी को लेकर हाई अलर्ट मोड पर है. संबंधित जिलों के कलक्टर्स को अलर्ट जारी करते हुए चंबल नदी के डूब क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए निर्देशित किया गया है.
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(रिपोर्ट:  अर्जुन अरविंद)

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First published: August 27, 2019, 11:36 AM IST
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