Kota News: अब मनचलों की खैर नहीं, 70 महिला पुलिसकर्मी मार्शल आर्ट में महारत हासिल कर उतरेगी मैदान में

ये महिला कमांडो मार्शल आर्ट के सीखे हुए गुर से बदमाशों को धूल चटाने में सक्षम होंगी.
कोटा (Kota) में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिये 70 महिला पुलिसकर्मियों (Lady police constables) की एक पूरा दस्ता तैयार किया जा रहा है. ये महिला पुलिसकर्मी मार्शल आर्ट (Martial arts and self defense) की ट्रेनिंग ले रही हैं ताकि मनचलों को सबक सिखाया जा सके.
- News18 Rajasthan
- Last Updated: February 26, 2021, 12:52 PM IST
कोटा. कोचिंग सिटी कोटा (Kota) समेत जिले के विभिन्न इलाकों में अब राह चलती महिलाओं और लड़कियों से छेड़छाड़ (Molestation) करने वाले मनचलों की खैर नहीं है. कोटा ग्रामीण और शहर पुलिस की करीब 70 महिला कांस्टेबल मार्शल आर्ट और सेल्फ डिफेंस (Martial arts and self defense) की ट्रेनिंग लेने में जुटी हैं. उसके बाद ये कांस्टेबल महिलाओं व बालिकाओं के साथ आये दिन होने वाली अपराध की घटनाओं को रोकने के लिये फील्ड में उतरेंगी.
यही नहीं ये महिला कमांडो एक माह तक आत्मरक्षा की बारीकियां सीखकर जल्द ही स्कूल और कॉलेज की बालिकाओं को भी प्रशिक्षित करेगी, उन्हें बदमाशों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सक्षम बनायेंगी. लायंस क्लब सहित कई सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से आयोजित की जा रही मार्शल आर्ट ट्रेनिंग के बाद महिला कमांडो नये सिरे से नये जोश और जुनून के साथ मैदान में उतरेंगी.
महज एक कॉल पर ये कमांडो पीड़िता के पास पहुंचेंगी
शहरों-कस्बों के विभिन्न इलाकों में जहां स्कूल-कॉलेज की छात्राओं और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ तथा चैन स्नैचिंग जैसी वारदातें अक्सर होती है उन स्थानों पर इन कंमाडो को तैनात किया जायेगा. महज एक कॉल पर ये कमांडो वहां पीड़िता के पास पहुंचेंगी. हालांकि कोटा ग्रामीण और शहर पुलिस की ये महिला पुलिसकर्मी पहले से शारीरिक दक्षता प्राप्त होने के कारण बालिकाओं और महिलाओं की हिफाजत करने के लिए सक्षम है, लेकिन ट्रेनिंग के बाद ये हथियारबंद बदमाशों से भी भिड़ने की क्षमता रखेगी. मार्शल आर्ट के सीखे हुए गुर से बदमाशों को धूल चटाने में सक्षम होंगी.कई टेक्निकल पंच सिखाये जा रहे हैं
इस ट्रेनिंग में शहर व ग्रामीण की 50 वर्ष से कम उम्र की करीब 70 महिला कांस्टेबल इसमें हिस्सा ले रही हैं. ट्रेनिंग के दौरान मास्टर आर्ट ट्रेनर, पंच ,किक, ब्लाक जैसे कई आत्मरक्षा के गुर सिखाये जा रहे हैं. इसमें बदमाशों के मुंह-तोड़ जवाब देने जैसे कई टेक्निकल पंच सिखाये जा रहे हैं. प्रतिदिन करीब एक से डेढ़ घंटे तक ये ट्रेनिंग आयोजित की जाती है. ये 70 महिला कमांडो प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 70000 स्कूल-कॉलेज की छात्राओं और महिलाओं के लिए दीवार बनकर खड़ी रहेंगी. वहीं उन्हें ट्रेनिंग देकर उनमें हौसला और जज्बा भी पैदा करेगी.
यही नहीं ये महिला कमांडो एक माह तक आत्मरक्षा की बारीकियां सीखकर जल्द ही स्कूल और कॉलेज की बालिकाओं को भी प्रशिक्षित करेगी, उन्हें बदमाशों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सक्षम बनायेंगी. लायंस क्लब सहित कई सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से आयोजित की जा रही मार्शल आर्ट ट्रेनिंग के बाद महिला कमांडो नये सिरे से नये जोश और जुनून के साथ मैदान में उतरेंगी.
महज एक कॉल पर ये कमांडो पीड़िता के पास पहुंचेंगी
शहरों-कस्बों के विभिन्न इलाकों में जहां स्कूल-कॉलेज की छात्राओं और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ तथा चैन स्नैचिंग जैसी वारदातें अक्सर होती है उन स्थानों पर इन कंमाडो को तैनात किया जायेगा. महज एक कॉल पर ये कमांडो वहां पीड़िता के पास पहुंचेंगी. हालांकि कोटा ग्रामीण और शहर पुलिस की ये महिला पुलिसकर्मी पहले से शारीरिक दक्षता प्राप्त होने के कारण बालिकाओं और महिलाओं की हिफाजत करने के लिए सक्षम है, लेकिन ट्रेनिंग के बाद ये हथियारबंद बदमाशों से भी भिड़ने की क्षमता रखेगी. मार्शल आर्ट के सीखे हुए गुर से बदमाशों को धूल चटाने में सक्षम होंगी.कई टेक्निकल पंच सिखाये जा रहे हैं