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कोटा में गेहूं घोटाला करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर ACB ने कसा शिकंजा, नामजद किया

ग्रेडिंग के बाद अंडरसाइज गेंहू को किसानों को वापस लौटाना था. लेकिन बीज निगम के अधिकारियों ने गेहूं को वापस नहीं लौटाकर उसे खुर्दबुर्द कर दिया था.

ग्रेडिंग के बाद अंडरसाइज गेंहू को किसानों को वापस लौटाना था. लेकिन बीज निगम के अधिकारियों ने गेहूं को वापस नहीं लौटाकर उसे खुर्दबुर्द कर दिया था.

Kota Wheat Scam News: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti Corruption Bureau) ने कोटा में पांच साल पहले हुये गेहूं घोटाले के मामले में बीज निगम के तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों को जांच के बाद नामजद कर लिया है. अब उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जायेगी.

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कोटा. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti Corruption Bureau) इन दिनों पूरे राजस्थान में भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कर उनको जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा रहा है. वहीं एसीबी अब घोटालों के पेंडिंग मामलों को भी निपटाने में भी जुटी है और सख्त एक्शन दिखा रही है. इसी कड़ी में एसीबी ने कोटा में पांच साल पहले वर्ष 2016 में किसानों का अनाज (Kota wheat scam) खुर्दबुर्द कर ठिकाने लगाने वाले तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ घोटाले की जांच करने के बाद उन्हें बतौर आरोपी नामजद कर लिया है. एसीबी अब इन पर अपना शिकंजा और कसने वाली है.

एसीबी स्पेशल यूनिट के प्रभारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि साल 2016 में कोटा और बूंदी के किसानों को राजस्थान स्टेट सीड कॉरपोरेशन की ओर से गेहूं के बीज उत्पादन कार्यक्रम के तहत गेहूं की किस्म 4037 और 4120 का बीज दिया गया था. फसल तैयार होने पर किसानों ने 52000 क्विंटल गेहूं का बीज बजरंग नगर स्थित बीज प्लांट में जमा करा दिया था. प्लांट में ग्रेडिंग के बाद बीज योग्य गेहूं तो बीज निगम ने अपने पास रख लिया. ग्रेडिंग के बाद अंडरसाइज गेंहू को किसानों को लौटाना था. लेकिन बीज निगम के अधिकारियों ने गेहूं को वापस नहीं लौटाया और खुर्दबुर्द कर दिया था.

गेहूं के 1080 बैग्स बाजार में बेच दिए थे
इस मामले की जांच में सामने आया कि तत्कालीन बीज निगम के प्लांट मैनेजर सूरजपाल सिंह चौहान, सुरेंद्र सिंह यादव, तत्कालीन बीज अधिकारी नंदकिशोर जाट, चौथमल मीणा और तत्कालीन सहायक कर्मचारी रामचरण नायक ने आपसी मिलीभगत कर इस गेहूं को ठिकाने लगा दिया. इसमें से 8 किसानों के 302 पॉइंट 90 क्विंटल गेहूं और 432 क्विंटल सीपेज गेहूं के 1080 बैग्स बाजार में बेच दिए. मामला सामने आने के बाद प्रकरण को एसीबी मुख्यालय को भेजा गया था. जांच के बाद एसीबी ने अब इन सभी को इस घोटाले में नामजद कर लिया है. अब इन आरोपियों के खिलाफ आगे कार्रवाई की जायेगी. इनमें से कुछ आरोपी सेवानिवृत्त हो चुके हैं और कुछ अभी सेवारत हैं.

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