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BJP के पैनल ने जेके लोन अस्पताल का किया दौरा, अव्यवस्था और चिकित्साकर्मियों कमी पर जताई नाखुशी

उन्होंने कहा, ‘‘ राज्य सरकार मौतों के लिए जिम्मेदार है और स्वास्थ्य मंत्री को अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए.’’
उन्होंने कहा, ‘‘ राज्य सरकार मौतों के लिए जिम्मेदार है और स्वास्थ्य मंत्री को अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए.’’

अस्पताल के अधीक्षक सुरेश चंद दुलारा (Suresh Chand Dulara) ने बताया था कि शुक्रवार को तीन और नवजात शिशुओं की यहां मौत हो गयी, जिनमें से दो का एक दिन पहले ही जन्म हुआ था जबकि एक बच्चा एक माह का था.

  • भाषा
  • Last Updated: December 13, 2020, 11:07 AM IST
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कोटा. राजस्थान (Rajasthan) के कोटा (Kota) में 12 शिशुओं की मौत किन वजहों से हुई, इस बात की जांच के लिए विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा गठित चार सदस्यीय समिति ने शनिवार को यहां के एक अस्पताल का दौरा किया और चिकित्साकर्मियों एवं सुविधाओं की कमी पर नाखुशी प्रकट की. गौरतलब है कि जेके लोन अस्पताल (JK Lone Hospital) में बृहस्पतिवार को नौ नवजात शिशुओं की कुछ ही घंटों के अंतराल में मौत हो गयी थी. वे एक से चार दिनों के थे. सालभर पहले भी इस अस्पताल में असामान्य संख्या में शिशुओं की मौत राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बनी थीं. अस्पताल के अधीक्षक सुरेश चंद दुलारा (Suresh Chand Dulara) ने बताया था कि शुक्रवार को तीन और नवजात शिशुओं की यहां मौत हो गयी, जिनमें से दो का एक दिन पहले ही जन्म हुआ था जबकि एक बच्चा एक माह का था.

11 दिसंबर को पांच शिशुओं की मौत हुई थी
भाजपा के पैनल ने यह आरोप लगाते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा के इस्तीफे की मांग की कि पिछले साल दिसंबर में 110 शिशुओं की मौत के बावजूद जेके लोन अस्पताल अब भी उसी ‘दयनीय स्थिति’ में है. इस समिति में दौसा के सांसद जसकौर मीणा, राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता राजेंद्र सिंह राठौर और पार्टी के विधायक मदन दिलावर एवं संदीप शर्मा शामिल हैं. राठौर ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन ने समिति से कहा कि 10 दिसंबर को 13 तथा 11 दिसंबर को पांच शिशुओं की मौत हुई.

सिफारिशों पर अब तक गौर नहीं किया गया है
उन्होंने कहा, ‘‘ राज्य सरकार मौतों के लिए जिम्मेदार है और स्वास्थ्य मंत्री को अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए.’’ भाजपा के पैनल ने कहा कि पिछले साल गठित समितियों द्वारा अस्पताल की दशा सुधारने के लिए की गयी सिफारिशों पर अब तक गौर नहीं किया गया है.
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