Kota: फर्जी 'आधार कार्ड' के आधार पर बाल विवाह की कोशिश, स्कूल रिकॉर्ड ने खोली पोल
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Kota: फर्जी 'आधार कार्ड' के आधार पर बाल विवाह की कोशिश, स्कूल रिकॉर्ड ने खोली पोल
आधार कार्ड पर संदेह होने के कारण मुंगेना स्कूल के प्रधानाध्यापक शंभुदयाल मीणा को बुलवाकर रिकॉर्ड मांगा गया. स्कूल रिकॉर्ड में बालिका उम्र 14 साल निकली.

कोटा जिले के इटावा इलाके में जिला प्रशासन ने बाल विवाह (Child marriage) को रुकवाकर परिजनों को पाबंद किया है. यह बाल विवाह फर्जी आधार कार्ड (Fake aadhar card) के आधार पर करवाया जा रहा था.

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कोटा. जिले के इटावा इलाके में जिला प्रशासन ने बाल विवाह (Child marriage) को रुकवाकर परिजनों को पाबंद किया है. यह बाल विवाह फर्जी आधार कार्ड (Fake aadhar card) के आधार पर करवाया जा रहा था. लेकिन समय पर किसी ने प्रशासन को सूचना दे दी. बाद में जब मामले की जांच पड़ताल करायी गई तो आधार कार्ड फर्जी निकला.

मुंगेना गांव से जुड़ा है मामला
इटावा थानाधिकारी मुकेश मीणा के अनुसार यह बाल विवाह बुधवार को इलाके मुंगेना गांव में होना था. किसी व्यक्ति ने एसडीएम कार्यालय पर मुंगेना गांव में हेमराज बैरवा द्वारा अपनी नाबालिग बेटी का विवाह करवाये जाने की सूचना दी। इस पर पीपल्दा तहसीलदार रामचरण मीणा और इटावा पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने प्रशासन मौके पर पहुंचकर बालिका का आयु का प्रमाण मांगा तो परिजनों ने उसका आधार कार्ड दिखाया.

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स्कूल रिकॉर्ड में 14 साल की थी बालिका


आधार कार्ड पर संदेह होने के कारण मुंगेना स्कूल के प्रधानाध्यापक शंभुदयाल मीणा को बुलवाकर रिकॉर्ड मांगा गया. स्कूल रिकॉर्ड में बालिका उम्र 14 साल निकली. इस पर कार्रवाई करते हुए बाल विवाह को रुकवाकर परिजनों को पाबंद किया गया. थानाधिकारी मुकेश मीणा ने बताया कि मुंगेना में बूंदी के कोटा खुर्द के रामभरोस बैरवा के पुत्र भैरूलाल की बारात आनी थी. लेकिन कार्रवाई के बाद बारात मुंगेना नहीं पहुंची. वहीं देई खेड़ा पुलिस को भी बाल विवाह को लेकर वर पक्ष के लोगों को पाबंद करने के लिए सूचना दी गई है.

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राजस्थान में आज भी प्रचलित है बाल विवाह
उल्लेखनीय है प्रदेश में बाल विवाह आज भी प्रचलन में है. लोग इसके लिए कई तरह के फर्जीवाड़े पहले भी करते रहे हैं. प्रदेश में विशेषकर आखातीज के अवसर पर काफी बाल विवाह होते हैं. हालांकि इस बार कोरोना के चलते आखातीज पर विवाह समारोह ही नहीं हुए थे. लेकिन आखातीज के अवसर पर बड़ी संख्या में बाल विवाह की संभावना को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट रहता है.
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