कोटा: नाबालिग बेटी से रेप कर उसकी हत्या करने वाले रेपिस्ट पिता को कोर्ट ने फिर से दिया दोषी करार

गाजियाबाद. उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (Ghaziabad) की जिला अदालत की पॉक्सो कोर्ट ने ढाई साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या केस में रिश्ते के चाचा को दोषी करार दिया है. अदालत के विशेष न्यायाधीश महेंद्र श्रीवास्तव ने सिर्फ 20 दिन की सुनवाई में अभियुक्त को दोषी पाया. कोर्ट ने आज दोषी को फांसी की सजा सुनाई है. इसके अलावा कोर्ट ने एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. केस की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 10 गवाह पेश किए. इस सनसनीखेज घटना को फैक्टरी कर्मचारी के ही जिगरी दोस्त चंदन पांडेय ने अंजाम दिया था.

Rape and murder case: मंदबुद्धि नाबालिग बेटी से रेप कर उसकी हत्या करने के बहुचर्चित मामले में पोक्सो कोर्ट ने एक बार फिर रेपिस्ट पिता को दोषी (Guilty) करार दिया है. कोर्ट इस मामले में 27 जनवरी को अपना फैसला सुनायेगी.

  • Share this:
कोटा. अपनी ही 17 वर्षीय मंदबुद्धि बेटी से रेप कर उसकी हत्या (Rape and murder case) करने की सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले रेपिस्ट पिता को कोर्ट ने एक बार फिर दोषी (Guilty) करार दिया है. मंगलवार को रेपिस्ट पिता को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया. अभियुक्त को गत वर्ष 20 जनवरी पोक्सो कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी. रेपिस्ट ने सजा के खिलाफ निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील की थी. हाईकोर्ट के निर्देश के बाद इस मामले में फिर से सुनवाई हुई थी.

हाईकोर्ट ने निचली अदालत के इस फैसले में पीड़िता की मां से जिरह नहीं करने को न्यायचित नहीं माना था. उसने मां से जिरह करने और बचाव पक्ष के गवाहों को पेश कर फिर से सुनवाई करने के निर्देश दिये थे. उसके बाद पोक्सो कोर्ट क्रम संख्या-1 में इस मामले में पीड़िता की मां से जिरह कर डिफेंस के गवाह भी पेश किए गए थे. उसके बाद अब कोर्ट ने अब फिर से आरोपी पिता को दोषी करार दिया है. कोर्ट अब इस मामले में 27 जनवरी को अपना फैसला सुनायेगी.

न्यायाधीश ने की थी कड़ी टिप्पणी
20 जनवरी 2020 को 36 पेज का फैसला सुनाते हुए पोक्सो कोर्ट संख्या-1 के न्यायाधीश ने उस समय टिप्पणी की थी कि एक पिता द्वारा मंदबुद्धि बेटी के साथ रेप कर उसकी हत्या करने का अपराध राक्षस प्रकृति का है. यह समाज को शर्मसार करने वाला है. इसलिए आरोपी को फांसी पर लटकाया जाना ही उचित है.



यह था पूरा मामला
विशिष्ट लोक अभियोजक प्रेमनारायण नामदेव ने बताया कि 13 मई 2015 को मृतका के पिता ने नयापुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि वो वेयरहाउस में गार्ड का काम करता है. उसकी 17 साल की नाबालिग बेटी घर पर अकेली थी. वह रात को जब घर पहुंचा तो बेटी लहूलुहान हालत में सोफे पर पड़ी मिली थी और उसकी मौत हो चुकी थी. शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जब जांच शुरू की तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के 4 माह का गर्भ पाया गया था. इस कारण पुलिस ने उनका डीएनए सैंपल लिया.

बेटी ने गर्भपात से मना किया तो उतार दिया था मौत के घाट
मृतका की मां के बयान लिए तो मामला सामने आया कि पिता ही लंबे समय से बेटी के साथ दुष्कर्म जैसा घिनोना कृत्य कर रहा था. दुष्कर्म से जब बेटी गर्भवती हो गई और उसने गर्भ गिराने से मना किया तो दुष्कर्मी पिता ने उसे मौत के घाट उतार दिया था. उसके बाद से नयापुरा थाना पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था. 18 गवाहों के बयान के बाद कोर्ट ने पिछले साल 20 जनवरी को आरोपी को फांसी की सजा और 20 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया था.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.