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COVID-19: कोटा में फंसे हजारों स्टूडेंट्स, CM गहलोत ने लिखी PM मोदी को चि‌ट्ठी

सीएम गहलोत ने अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी बात की है, लेकिन अभी तक सिर्फ उत्तरप्रदेश ने अपने स्टूडेंट्स को बुलाने के लिए हामी भरी है. (सांकेतिक तस्वीर)
सीएम गहलोत ने अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी बात की है, लेकिन अभी तक सिर्फ उत्तरप्रदेश ने अपने स्टूडेंट्स को बुलाने के लिए हामी भरी है. (सांकेतिक तस्वीर)

कोरोना (COVID-19) ने कोचिंग सिटी कोटा में नीट, आईआईटी और जेईई की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों को संकट में डाल दिया है. सीएमअशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) खुद इतने चिंतित हैं कि दो बार पीएम नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) को चिट्ठी लिख चुके हैं.

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जयपुर. कोरोना (COVID-19) ने कोचिंग सिटी कोटा में नीट, आईआईटी और जेईई की तैयारी कर रहे हजारों स्टूडेंट्स को संकट में डाल दिया है. सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) खुद इतने चिंतित हैं कि दो बार पीएम नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) को चिट्ठी लिख चुके हैं. केन्द्रीय गृह सचिव से बात कर चुके हैं, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इस बारे में कोई निर्णय नहीं किया जा सका है.

अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी बात की है
सीएम गहलोत ने अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी बात की है, लेकिन अभी तक सिर्फ उत्तरप्रदेश ने अपने स्टूडेंट्स को बुलाने के लिए हामी भरी है. बाकी राज्य अभी तक अनुमति देने को तैयार नहीं है. इसके चलते कोटा में रह रहे स्टूडेंट्स की चिंता बढ़ी हुई है. कोटा में फिलहाल देशभर के विभिन्न राज्यों के हजारों स्टूडेंट्स फंसे हुए हैं. इनमें मुख्यतः उत्तर प्रदेश के लगभग 7500, बिहार के करीब 6500, मध्य प्रदेश के 4000, झारखंड के 3000, हरियाणा के 2000, महाराष्ट्र के 2000, नार्थ ईस्ट के 1000 और पश्चिम बंगाल के लगभग 1000 स्टूडेंट्स के साथ कई अन्य क्षेत्रों के स्टूडेंट्स शामिल हैं.

धारीवाल बोले हम तो बॉर्डर तक छोड़ने को तैयार, राज्य अनुमति तो दें
इस बीच कोटा उत्तर के विधायक और यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने कोचिंग स्टूडेंट्स की समस्याओं से सीएम अशोक गहलोत को फिर अवगत कराया है. धारीवाल ने बताया कि केवल एक- दो राज्यों के अनुमति देने से समस्या का समाधान नहीं होगा. सभी राज्यों को एक साथ अनुमति देनी होगी. तभी स्टूडेंट्स एक साथ कोटा से निकल सकते हैं.



बच्चों के लिए परेशानी खड़ी नहीं करना चाहते
धारीवाल ने कहा कि इस माहौल में न तो उनकी क्लासेज शुरू होने की फिलहाल कोई संभावना दिख रही है और न ही अभी कोरोना पर काबू पाया जा सका है. कोटा में कई पॉजीटिव केस भी हैं लिहाजा हम बच्चों के लिए परेशानी खड़ी नहीं करना चाहते. सरकार उन्हें यहां रखने में सक्षम है, लेकिन बच्चे जाने जिद कर रहे हैं. उनके परिवारजन बहुत परेशान हैं. ऐसे माहौल में बच्चों का उनके घर जाना ही ठीक रहेगा. क्योंकि अधिकांश बच्चे 15 से 18 आयु वर्ग के हैं.

 

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