Kota: शादियों की परमिशन के लिये कलक्ट्रेट में उमड़ रही भीड़, 100 लोग ही शामिल हो सकते हैं

शादी समारोह में 100 से ज्यादा लोग शामिल हुये तो जिला प्रशासन महामारी अधिनियम के तहत संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करेगा.
शादी समारोह में 100 से ज्यादा लोग शामिल हुये तो जिला प्रशासन महामारी अधिनियम के तहत संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करेगा.

आगामी 25 नवंबर को देवउठनी एकादशी है. यह अबूझ सावा है. इस सावे पर बड़ी संख्या में शादियां (Marriage) हो रही हैं। शादियों की परमिशन (Permission) के लिये कलक्ट्रेट भी भारी भीड़ उमड़ी है.

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कोटा. कोरोना काल (Corona era) में आगामी दिनों में आने वाली देवउठनी एकादशी के अबूझ सावे पर होने वाली शादियों (Marriage) के लिये इन दिनों कलक्ट्रेट में परमिशन (Permission) लेने के लिये लोगों की भीड़ उमड़ रही है. कोरोना गाइडलाइन के तहत शादियों की सूचना जिला प्रशासन को देना जरुरी है. वहीं शादियों में 100 लोगों से ज्यादा शामिल नहीं होने की पाबंदी के चलते लोग ऊहपोह की स्थिति में है. लंबे समय से कोरोना के कारण लोग शादियों को टाल रहे थे. इनमें एक बड़ा अबूझ सावा आखातीज भी निकल गया.

अब फिर लंबे समय बाद अबूझ सावा आया है. लिहाजा लोग इस सावे पर शादियों को टालना नहीं चाहते हैं. इसलिये बड़ी संख्या में लोग परमिशन के लिये जिला प्रशासन के पास पहुंच रहे हैं. यह सिलसिला गत दो-तीन दिन से चल रहा है. आज भी कलक्ट्रेट में शादियों की परमिशन चाहने वाले लोगों की भीड़ उमड़ी हुई है.

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25 नवंबर को है देवउठनी एकादशी
देवउठनी एकादशी आगामी 25 नवंबर को है. इस दिन शादियों का अबूझ सावा है. शादी समारोह आयोजित करने और उसमें मेहमानों को आमंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन की परमिशन लेने के लिए कलक्ट्रेट में बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं. इसके लिये इन दिनों लोग अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर के कार्यालय के आगे कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं. कोविड-19 के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए जिला प्रशासन विवाह समारोह में 100 लोगों के शामिल होने की अनुमति दे रहा है. अनुमति मिलने के बाद अगर किसी भी शादी समारोह में 100 से ज्यादा लोग आमंत्रित किए गए तो जिला प्रशासन महामारी अधिनियम के तहत शादी समारोह आयोजित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगा.

सीमित लोगों की उपस्थिति में शादियां हो रही हैं
उल्लेखनीय है कि कोरोना काल में संक्रमण को देखते हुये सीमित लोगों की उपस्थिति में शादियां हो रही हैं. कोरोना काल के दौरान अधिकतर शादियां परिवार के चुनिंदा लोगों की उपस्थिति में ही संपन्न हुई हैं. कहीं-कहीं तो इनकी संख्या दूल्हा-दुल्हन समेत 10 से भी कम रही है. बाद में सरकार ने शादी समारोह में शामिल होने के लिये 50 लोगों की अनुमति दी थी. उसे बाद में बढ़ाकर 100 कर दिया गया.
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