कोरोना की गिरफ्त में कोचिंग सिटी कोटा, मंत्री धारीवाल ने संभाली कमान, पढ़ें क्या हैं इलाज की व्यवस्थाएं

कोटा मेडिकल कॉलेज के अस्पताल (NMCH SSB) में कुल 610 रोगी भर्ती हैं. इनमें 390 रोगियों के ऑक्सीजन चल रही हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

कोटा मेडिकल कॉलेज के अस्पताल (NMCH SSB) में कुल 610 रोगी भर्ती हैं. इनमें 390 रोगियों के ऑक्सीजन चल रही हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

Corona in Kota: कोटा में कोरोना के बिगड़ते हालात के बाद अब यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने कमान संभाल ली है. वे कोरोना के इलाज को लेकर सीएम अशोक गहलोत और चिकित्सा मंत्री से संवाद बनाए हुए हैं.

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कोटा. राजस्थान में इसके संक्रमण की दूसरी लहर बेकाबू हो चुकी है. कोचिंग सिटी कोटा (Coaching City Kota) में संक्रमण के कारण अफरातफरी है. इलाज के संसाधनों में बढ़ोतरी को लेकर स्थानीय विधायक एवं गहलोत सरकार के यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने कोटा की कमान संभाल ली है.

अस्पतालों में भर्ती मरीजों को लगने वाले रेमडेसीविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन सिलेंडरों की व्यवस्था के लिए धारीवाल लगातार जिला प्रशासन, चिकित्सा अधिकारियों और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य समेत सभी से सीधे संपर्क बनाए हुए हैं. धारीवाल ने सीएम अशोक गहलोत और स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा से बातचीत कर व्यवस्थाओं में बढ़ोतरी की मांग की है.

गहलोत और स्वास्थ्य मंत्री को यह सुझाव दिया

रेमडेसीविर इंजेक्शन की कमी आने पर धारीवाल ने तुरंत जयपुर से इसकी बड़ी खेप कोटा रवाना करवाई. इस बीच मंत्री धारीवाल ने सीएम गहलोत और स्वास्थ्य मंत्री को यह सुझाव भी दिया है कि संभाग स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए ताकि आसपास के जिलों में अस्पतालों में खाली बेड की संख्या की जानकारी हमेशा अपडेट रहे. एक जिले से दूसरे जिले में मरीजों को शिफ्ट करने की जरूरत पड़े तो उनको शिफ्ट किया जा सके.
संसाधनों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी

मंत्री शांति धारीवाल ने बयान जारी कर जनता को आश्वस्त किया है कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम और इलाज को लेकर संसाधनों में कोई कमी नहीं आने दी जाए गी. वे लगातार मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से संपर्क में हैं. कोटा के मौजूदा हालात की उनको लगातार जानकारी भी दे रहे हैं.

390 रोगियों के ऑक्सीजन चल रही है



धारीवाल ने बताया कि कोटा मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में कुल 610 रोगी भर्ती हैं. इनमें 390 रोगियों को ऑक्सीजन दी जा रही है. परीक्षा हॉल को खाली करवाकर 100 बेड का डे-केयर सेंटर बनाया गया है. ऑक्सिजन उत्पादन केपेसिटी फुल की गई है. NMCH एवं SSB में 3 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट चल रहे हैं. इनकी क्षमता 1530 सिलेंडर है.

नए 950 सिलेंडर का ऑर्डर किया गया है

अतिरिक्त व्यवस्था के तहत कोविड रोगियों के लिए MBS में 78 बेड रिजर्व रखे गए हैं. एमबीएस में ऑक्सीजन प्लांट 100 सिलेंडर प्रतिदिन की केपेसिटी है और वहां 250 सिलेंडर हैं. नए 950 सिलेंडर का आर्डर किया गया है. ये 4 से 10 दिन में आ जाएंगे.
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