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VIDEO: गाय का 4 घंटे चला ऑपरेशन, पेट से न‍िकली 48 किलो प्लास्टिक और जानें क्‍या-क्‍या?

कोटा संभाग मुख्यालय पर स्थित बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय मौका पाड़ा में वरिष्ठ पशु चिकित्सक अखिलेश पांडे के द्वारा एक गाय का पेट का ऑपरेशन किया गया है.

कोटा संभाग मुख्यालय पर स्थित बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय मौका पाड़ा में वरिष्ठ पशु चिकित्सक अखिलेश पांडे के द्वारा एक गाय का पेट का ऑपरेशन किया गया है.

Rajasthan News: गाय के पेट से ऑपरेशन करने के दौरान 48 किलो प्लास्टिक की थैलियां पॉलीथिन निकली है. साथ ही लोहे की 8 निकुली कीलें भी निकली है. ऑपरेशन के दौरान गाय के पेट से निकाले गए अपशिष्ट में कई ऐसी और चीजें निकली हैं, जिन्हें देखकर दिल पसीज जाता है.

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राजस्थान के कोटा शहर में आज दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. गायों को हम जाने अनजाने में क्या खिला रहे है इससे जुड़ा यह चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जिसके बारे में सुनकर और तस्वीरें देखकर आप भी चौंकक जाएंगे. जी हां, कोटा संभाग मुख्यालय पर स्थित बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय मौका पाड़ा में वरिष्ठ पशु चिकित्सक अखिलेश पांडे के द्वारा एक गाय का पेट का ऑपरेशन किया गया है.

गाय का 4 घंटे चले ऑपरेशन के बाद वरिष्ठ पशु चिकित्सक अखिलेश पांडे ने बताया है कि गाय के पेट से ऑपरेशन करने के दौरान 48 किलो प्लास्टिक की थैलियां पॉलीथिन निकली है. साथ ही लोहे की 8 निकुली कीलें भी निकली है. ऑपरेशन के दौरान गाय के पेट से निकाले गए अपशिष्ट में कई ऐसी और चीजें निकली हैं, जिन्हें देखकर दिल पसीज जाता है. आखिर हम लोग लापरवाही बरतते हुए सड़कों पर पॉलिथीन में बंद करके न जाने क्या ठोस अपशिष्ट फेंक देते हैं. जिन्हें गाये खा जाती है और वह उनके पेट में जमा हो जाता है.

डॉक्टर अखिलेश पांडे के मुताबिक, 4 घंटे चले गाय के पेट के ऑपरेशन से 48 किलो पॉलिथीन, 8 कीलों के अलावा, एक लोहे का वॉल, चाइनीज मांझा, रस्सियों के टुकड़े, कई सारे रबड़ के गुब्बारे आदि वस्तुएं गाय के पेट से निकाली गई है. गाय का ऑपरेशन करने के बाद गाय के पेट में 14 टांके लगे हैं. डॉक्टर अखिलेश पांडे के मुताबिक, तीन लहर में गाय के पेट में टांके लगाए गए हैं. डॉक्टर अखिलेश पांडे ने लोगों से अपील की है कि जाने अनजाने में प्लास्टिक की पॉलीथिन में बंद करके सड़कों पर कचरा ना फेंके, क्योंकि बेजुबान मवेशी पॉलिथीन की थैलियों को सीधे ही खा जाते हैं और वे उनके पेट में जाकर गट्ठर के रूप में जमा हो जाते हैं. ऐसे में मवेशियों के पेट में पॉलिथीन अन्य चीजें जमने से पेट में जगह नहीं रहती और मवेशियों की मौत इस कारण हो जाती है.



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मवेशी कुछ खा पी नहीं पाते हैं और यही हाल इस गाय का था. जो बूंदी रोड स्थित बड़गांव महादेव गौशाला से स्वास्थ्य नरम होने पर अनुराधा अग्रवाल ने मौखापाड़ा बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय भिजवाई थी. गाय की हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है और उसे आगे के इलाज और देखभाल के लिए अस्पताल में ही रखा गया है. इस सफल ऑपरेशन में डॉक्टर अखिलेश पांडे का सहयोग डॉ रूबी भारतीय, पशु चिकित्सा कर्मी राजेंद्र और इमरान ने सहयोग किया.
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