दिल्ली AIIMS ने INI-CET 2021 का नोटिफिकेशन किया जारी, यहां चेक करें डीटेल

आईएनआई-सीईटी की जानकारी.
आईएनआई-सीईटी की जानकारी.

कैंडिडेट अपने आवेदन पत्र के फाइनल स्टेटस को 19 अक्टूबर से देख सकेंगे. फाइनल रेजिस्ट्रेशन का स्टेटस 3 नवंबर से 11 नवंबर के बीच वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा.

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कोटा. एम्स नई दिल्ली (Delhi AIIMS) के परीक्षा अनुभाग ने इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल इम्पोर्टेंस- कंबाइंड एंट्रेंस टेस्ट जनवरी-2021 (आईएनआई-सीईटी) के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है. एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के करियर काउंसलिंग एक्सपर्ट पारिजात मिश्रा ने बताया कि एम्स नई दिल्ली तथा अन्य एम्स, जिपमेर पांडिचेरी, निमहंस  बैंगलोर, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ आदि केंद्रीय मेडिकल संस्थान पूर्व की भांति इस वर्ष से अपना स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अलग से परीक्षा आयोजित नहीं करेंगे. इन सब प्रवेश परीक्षाओं के स्थान पर एक नए रूप में एकीकृत परीक्षा एम्स नई दिल्ली द्वारा 20 नवंबर 2020 को संपूर्ण भारत में संचालित की जाएगी.

उपरोक्त प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन एम्स की ऑफिशियल वेबसाइट पर बेसिक रेजिस्ट्रेशन के रूप मे 29 सितंबर शाम से शुरू कर दिए गए तथा आवेदन की अंतिम तिथि 12 अक्टूबर 2020 है. कैंडिडेट बेसिक रजिस्ट्रेशन का स्टेटस तथा इमेज करेक्शन को 14 अक्टूबर से 17 अक्टूबर के मध्य कर सकेंगे. मिश्रा ने बताया कि जिन कैंडिडेट ने पूर्व वर्ष 2019 तथा 2020 में एम्स प्रवेश परीक्षा में सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन कर रखा था, उन्हें फिर बेसिक रजिस्ट्रेशन कराने की कोई आवश्यकता नहीं है. इसके स्थान पर उन्हें सीधे यूनिक कोड जनरेट करना होगा, जिसकी प्रक्रिया 6 से 26 अक्टूबर तक चलेगी. इसके बाद इस परीक्षा की विवरणिका भी 6 अक्टूबर को वेबसाइट पर उपलब्ध होगी. कैंडिडेट अपने आवेदन पत्र के फाइनल स्टेटस को 19 अक्टूबर से देख सकेंगे तथा फाइनल रेजिस्ट्रेशन का स्टेटस  3 नवंबर से 11 नवंबर के मध्य वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा. 10 नवंबर को इस परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए जाएंगे.

संस्कृत विश्वविद्यालय को नहीं मिल रहे स्टूडेंट्स



जर्मन भाषा से लेकर सिलेबस में सीबीसीएस सिस्टम की कवायद करने वाले राजस्थान के एक मात्र संस्कृत विश्वविद्यालय  को स्टूडेंट्स नहीं मिल रहा है. राजधानी जयपुर में 20 वर्ष की यात्रा पूरी कर चुके इस विश्वविद्यालय पर हर साल कुछ इसी तरह का संकट बना रहता है. मौजूदा सत्र में दाखिले की तिथियां बार-बार बढाई जा रही हैं. लेकिन अब तक चालीस फीसदी सीट भी नहीं भरी पाई है. जगद्गुरू रमानांदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय में नए कुलपति के तौर पर प्रोफेसर अनुला मौर्या के कार्यभार संभालने के बाद ही ये घोषणा की गई थी कि च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम, जर्मन और पत्रकारिता के डिप्लोमा कोर्सेज शुरू होंगे. अम्बेडकर, गांधी और महिला अध्ययन केन्द्र स्थापित होंगे, ताकि इस बहाने ही स्टूडेंट्स की संख्या में बढ़ोतरी हो. लेकिन नतीजा कोई खास नहीं मिल सका है. इन घोषणाओं को वास्तविकता में बदलने की कवायद चल रही है. लेकिन दूसरी तरफ दाखिले की स्थिति दयनीय बन गई है.
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यूनिवर्सिटी में मुख्य कोर्स संयुक्ताचार्य का है, जिसमें अब तक 1245 सीटों पर महज 380 दाखिले ही हुए हैं. यानि आधी से ज्यादा सीटें अभी भी खाली हैं. जबकि दो बार आवेदन की तिथि बढ़ाई गई है. फिर भी स्टूडेंट्स का रूझान नहीं बढ़ा.
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