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इस बार हुई सरसों की बंपर पैदावार, लेकिन किसानों को नहीं मिल रहा उचित मूल्य
Kota News in Hindi

ETV Rajasthan
Updated: March 26, 2017, 4:59 PM IST
इस बार हुई सरसों की बंपर पैदावार, लेकिन किसानों को नहीं मिल रहा उचित मूल्य
फोटो-(ईटीवी)

बारां में इस साल सरसों की बम्पर पैदावार हुई है, जिसके चलते मंडी में भी सरसों की भारी आवक हो रही है, लेकिन किसानों को इस सरसों का सही दाम नहीं मिल रहा है.

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बारां में इस साल सरसों की बम्पर पैदावार हुई है, जिसके चलते मंडी में भी सरसों की भारी आवक हो रही है, लेकिन किसानों को इस सरसों का सही दाम नहीं मिल रहा है. वे लगातार समर्थन मूल्य पर सरसों की खरीद के लिए तौल केंद्र खोलने की मांग कर रहे हैं.

दरअसल, सरकार द्वारा सरसों का समर्थन मूल्य 3750 रूपए निर्धारित किया गया है. पूर्व में भी केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकारों द्वारा समर्थन मूल्य सरसो की खरीदी की गई थी, लेकिन इस साल केंद्र सरकार ने अभी तक राज्यों को सरसों की खरीद की मंजूरी नहीं दी है, जिससे मजबूरन किसानों को सरसों कम दामों में बाजार में बेचना पड़ रहा है.

बाजार में सरसों की कीमत आढ़तियों द्वारा 3200 से 3400 प्रति क्विंटल दी जा रही है, जिससे किसानों को प्रति क्विंटल 300 से 500 रूपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है. इस मौसम में किसानों के खेतों में रबी की फसल काफी अच्छी हुई है, लेकिन इससे पहले 2 बुवाई में किसानों की सारी मेहनत प्रकृति के प्रकोप को भेंट चढ़ गई थी.



इस बार किसान कुछ आशा लगाए हुए हैं कि उन्हें कुछ अच्छे दाम मिलते तो पुराने नुकसान की भरपाई होती, लेकिन मंडियों में अभी तक समर्थन मूल्य पर सरसों खरीद के कांटे नहीं लगने से किसानों में मायूसी छाई हुई है.



मंडी प्रशासन का कहना है कि इस बार किसानों की प्रति बीघा फसलों के उत्पादन में इजाफा हुआ है. किसानों को सरसों का उचित दाम मिल सके इस सन्दर्भ में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है. सरकारी स्तर पर ही समर्थन मूल्य पर सरसों खरीद के कांटे लगाने का निर्णय लिया जाएगा.

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First published: March 26, 2017, 4:59 PM IST
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