राजस्थान के पूर्व मंत्री भरत सिंह ने की झोलाछाप डॉक्टर्स की पैरवी, बोले- 'जुगाड़ का महत्व समझो'

विधायक सिंह ने कहा कि इनकी सेवा गांवों में 365 दिन 24 घण्टे उपलब्ध रहती है. इनके व्यवहार में अपनापन व जनता के प्रति विश्वास पैदा करने वाला होता है.

MLA Bharat Singh News: राजस्थान के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक भरत सिंह ने कोरोना काल में राज्य सरकार से झोलाछाप डॉक्टर्स की पैरवी करते हुए कहा है कि हमारे मुल्क में जुगाड़ का अपना महत्व है. झोलाछाप डॉक्टर्स और उनकी जुगाड़ चिकित्सा पर मंथन करना चाहिए.

  • Share this:
कोटा. पूर्ववर्ती गहलोत सरकार में मंत्री रहे कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक भरत सिंह (Senior MLA Bharat Singh) ने एक बार फिर अपनी सरकार को नसीहत (Edification) देते हुए झोलाछाप डॉक्टर्स (Satchel doctors) की पैरवी की है. सिंह ने चिकित्सा मंत्री डॉक्टर रघु शर्मा (Dr. Raghu Sharma) को पत्र लिखकर कहा है कि झोलाछाप डॉक्टर्स के खिलाफ कार्रवाई की सरकार की सोच अपनी जगह सही है, लेकिन हमारे मुल्क में जुगाड़ का अपना महत्व है.

सिंह ने ग्रामीण इलाकों में झोलाछाप डॉक्टर्स की उपयोगिता पर जोर डालते हुए सरकार को इनके महत्व पर मंथन करने की सलाह दी है. उन्होंने अपने पत्र में कहा कि कोरोना गांवों में जंगल में लगी आग की तरह फैल चुका है. इसको रोकने की चुनौती बहुत बड़ी है और साधन कम हैं. प्रदेश में 40 हजार गांव हैं और डॉक्टर सभी जगह नहीं पहुंच सकते हैं. जहां भी डॉक्टर की पहुंच नही है वहां झोलाछाप डॉक्टर की पहुंच है. वहीं यहां चिकित्सा सेवाएं देते हैं.



गांवों में बड़ी संख्या में लोग इन पर विश्वास करते हैं
सिंह ने अपने पत्र में लिखा कि आज भी गांवों में बड़ी संख्या में लोग इन पर विश्वास करते हैं. बीमार होने पर इनसे संपर्क कर इलाज करवाते हैं. सरकार की ओर से समय-समय पर इनके खिलाफ कार्रवाई करने पर जोर दिया जाता है. इनके खिलाफ कार्रवाई भी होती है. वर्तमान में इनके खिलाफ अभियान चलाया गया है. इनको इलाज करने से रोका गया है. विभरत सिंह की ओर से चिकित्सा मंत्री को लिखा गया पत्र.

राजस्थान: पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक भरत सिंह ने की झोलाछाप डॉक्टर्स की पैरवी, पढ़िये क्या कहा ? rajasthan news-kota news-former minister and senior congress mla Bharat Singh lobbied Satchel doctors
विधायक भरत सिंह की ओर से चिकित्सा मंत्री को लिखा गया पत्र.


विधायक सिंह ने ये बताई इनकी उपयोगिता
1. इनकी सेवा गांवों में 365 दिन 24 घण्टे उपलब्ध है.
2. इनके व्यवहार में अपनापन व जनता के प्रति विश्वास पैदा करने वाला होता है.
2. अपनी सेवा के आधार पर ही ये चिकित्सा के बाजार में जिन्दा रह सकते हैं.
3. मरीज के बुलाने पर यह उसके घर तक पहुंच कर सेवा प्रदान करते हैं.
4. इनके संपर्क शहर में अच्छे डाक्टरों से है. आवश्यकता होने पर मरीज का शहर में इलाज के लिये जाने में उसकी मदद करते हैं.
5. इनमें अपने कामकाज को सुधारने की ललक रहती है.

कांग्रेसी विधायक ने दी मोदी की मिसाल
सिंह ने कहा कि बेरोजगारी के इस युग में यह झोलाछाप डॉक्टर मोदी सरकार के कौशल विकास योजना के संकल्प की एक सफल मिसाल है. यह स्वयं के रोजगार के अलावा एक या दो लोगों को रोजगार भी प्रदान करते हैं. जहां तक किसी की मृत्यु का प्रश्न है, वहां कोरोना काल में इनके यहां कोई इक्का-दुक्का लोगों की मौत हुई होगी, लेकिन मेडिकल कॉलेज औ बड़े बड़े सरकारी अस्पतालों में असंख्य लोग मर रहे हैं. आप से अनुरोध है कि सरकार मेरे पत्र पर मंथन करे कि क्या इनकी सेवाओं को पूर्ण रूप से बंद करने से सरकारी चिकित्सा सेवा पर अतिरिक्त भार नही पड़ेगा ? क्या ग्रामीण जनता को इससे लाभ मिल सकेगा?