गहलोत को अपने ही विधायकों से मिल रही चुनौतियां, अब MLA भरत सिंह बोले-वन मंत्री का जूता या तो ढीला है या टाइट

विधायक सिंह ने कहा है कि अगर वन मंत्री विश्नोई को कोरोना का डर लगता है तो वे मुंह पर पट्टा बांधकर जंगल आ जा सकते हैं.

विधायक सिंह ने कहा है कि अगर वन मंत्री विश्नोई को कोरोना का डर लगता है तो वे मुंह पर पट्टा बांधकर जंगल आ जा सकते हैं.

Congress MLA Bharat Singh blast again letter bomb: कोटा जिले के सांगोद विधायक भरत सिंह कुंदनपुर ने सीएम अशोक गहलोत को पत्र लिखकर मांग की है कि वन मंत्री सुखराम विश्नोई (Forest Minister Sukhram Vishnoi) को जिम्मेदारी से मुक्त किया जाये.

  • Share this:

कोटा. राजस्थान की गहलोत सरकार (Gehlot government) को अपने ही विधायकों से बार-बार चुनौतियां मिल रही हैं. सरकार पर एक के बाद एक नए संकट खुद उनकी पार्टी के ही विधायकों के द्वारा लाये जा रहे हैं. अभी पीसीसी चीफ एवं शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा और यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के बीच पैदा हुआ विवाद ठंडा भी नहीं पड़ा कि इससे पहले ही पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक भरत सिंह (Senior MLA Bharat Singh) ने एक और लेटर बम से कांग्रेस की अंदरूनी सियासत को गरमा दिया है.

हाड़ौती अंचल के कोटा जिले की सांगोद विधानसभा से कांग्रेस विधायक भरत सिंह कुंदनपुर ने एक और लेटर बम फोड़ दिया है. पूर्व में भ्रष्टाचार के मामले को लेकर अप्रत्यक्ष रूप से गहलोत सरकार के खनन मंत्री प्रमोद जैन भाया को घेर चुके सिंह ने अब उनके वन मंत्री सुखराम विश्नोई पर निशाना साधा है. भरत सिंह प्रदेश के स्टेट वाइल्डलाइफ बोर्ड के सदस्य हैं.

विश्नोई को जिम्मेदारी से मुक्त करने की मांग

विधायक भरत सिंह ने विश्व पर्यावरण दिवस के संदर्भ में मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखते हुए वन मंत्री सुखराम विश्नोई को इस जिम्मेदारी से मुक्त करने की मांग की है. सिंह ने कहा है कि सुखराम विश्नोई की वन और वन्यजीवों में रूचि नहीं है. वे ढाई साल के कार्यकाल में एक बार भी किसी सेंचुरी, अभ्यारण और टाइगर रिजर्व में विजिट करने नहीं गए हैं. ऐसे में जंगलों और वन्यजीवों की अनदेखी देखने को मिल रही है.
विश्नोई की योग्यता देखकर उन्हें उपमुख्यमंत्री या गृहमंत्री बनायें

भरत सिंह ने अपने पत्र में लिखा है कि प्रदेश के वन मंत्री अपना दायित्व ठीक से नहीं निभा रहे हैं. वे अपने जिम्मेदारी के प्रति गंभीर नहीं हैं. राजस्थान सरकार में उप मुख्यमंत्री और गृहमंत्री का पद खाली है. वन मंत्री की रूचि वन व वन्यजीवों में नहीं होने और उनकी योग्यता को देखते हुए उन्हें उपमुख्यमंत्री या गृहमंत्री बनायें ताकि वे खुश रहे.

वन मंत्री का जूता या तो ढीला है या टाइट है



सिंह ने कहा है कि अगर वन मंत्री विश्नोई को कोरोना का डर लगता है तो वे मुंह पर पट्टा बांधकर जंगल आ जा सकते हैं. सिंह ने कहा वे विश्नोई की आलोचना नहीं कर रहे हैं. उनकी योग्यता को लेकर बात कर रहे हैं. भरत सिंह ने विश्नोई के लिए कहा कि वन मंत्री का जूता या तो ढीला है या टाइट है. सीएम को चाहिए उन्हें नाप का जूता पहनाएं. सिंह ने बिश्नोई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर जंगलों में वन्यजीवों में रुचि नहीं है तो जंगलों का पीछा छोड़ें ढाई साल का वक्त हो गया है.

भ्रष्टाचार की गंगोत्री बारां जिले से निकल रही है

उल्लेखनीय है कि गत गहलोत सरकार में पंचायती राज मंत्री रहे भरत सिंह पूर्व में यहां तक के चुके हैं कि प्रदेश में भ्रष्टाचार की गंगोत्री बारां जिले से निकल रही है. उनका इशारा खनन मंत्री प्रमोद जैन भाया के ऊपर था. उस समय यह मामला काफी चर्चा में रहा था.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज