Kota: सरकार के ये ड्रीम प्रोजेक्ट कोचिंग सिटी को बनायेंगे बेहतरीन ट्यूरिस्ट स्पॉट

मंत्री धारीवाल ने दरवाजों और परकोटे को खूबसूरती प्रदान करने के लिए नया प्रोजेक्ट जमीन पर उतार दिया है.
मंत्री धारीवाल ने दरवाजों और परकोटे को खूबसूरती प्रदान करने के लिए नया प्रोजेक्ट जमीन पर उतार दिया है.

कोचिंग सिटी (Coaching city) कोटा जल्द ही पर्यटन नगरी (Tourist town) के रूप में भी अपनी पहचान बनायेगा. इसके लिये सरकार कई ड्रीम प्रोजेक्ट्स (Dream projects) पर काम कर रही है.

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कोटा. देश और दुनिया में कोचिंग सिटी (Coaching city) के नाम से जाने जाने वाला शहर कोटा अब जल्दी पर्यटन (Tourism) के क्षेत्र में भी पहचाने जाने लगेगा. कोचिंग सिटी कोटा को पर्यटन सिटी में तब्दील करने के लिए यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल (Minister Shanti Dhariwal) के ड्रीम प्रोजेक्ट ना सिर्फ कोचिंग सिटी कोटा को नई पहचान दिलाएंगे बल्कि रोजगार के भी बड़े अवसर दिलायेंगे.

कोटा में देश का सबसे खूबसूरत चंबल रिवर फ्रंट जहां अपना आकार लेने लगा है वहीं साइंस पार्क का निर्माण की तेजी में आगे बढ़ रहा है. कोचिंग सिटी को पर्यटन के क्षेत्र में आगे लाने के लिए बढ़ाये जा रहे कदमों की कड़ी में अब परकोटा क्षेत्र में भी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने एक और पहल की है. धारीवाल ने कोटा के परकोटा क्षेत्र के ऐतिहासिक दरवाजों के साथ-साथ परकोटे के जीणोद्धार की भी पहल की है.

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परकोटे को खूबसूरती प्रदान की जायेगी


धारीवाल ने दरवाजों और परकोटे को खूबसूरती प्रदान करने के लिए नये को प्रोजेक्ट जमीन पर उतार दिया है. इससे ऐतिहासिक दरवाजे ना सिर्फ दुरुस्त किए जाएंगे बल्कि उनको हेरिटेज लुक के साथ आकर्षक बनाने की डीपीआर भी तैयार हो चुकी है. इसका काम जल्द ही नगर विकास न्यास की ओर से शुरू कर दिया जाएगा. मंत्री धारीवाल ने हाल ही में कोटा के लाडपुरा, पाटनपोल, किशोरपुरा और सूरजपोल के दोनों ऐतिहासिक दरवाजों पर पहुंचकर अधिकारियों से चर्चा की और मौके पर ही इस प्रोजेक्ट के बारे में कई बदलाव के भी निर्देश दिए.

ऐतिहासिक पर्यटक स्थलों से कदमताल करता नजर आएगा कोटा
अगर सब कुछ ठीक रहा तो करीब 1 साल बाद कोचिंग सिटी कोटा पर्यटन के क्षेत्र में दूसरे ऐतिहासिक पर्यटक स्थलों से कदमताल करता नजर आएगा. यहां जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और जैसलमेर की तरह कोटा के पुराने शहर में ऐतिहासिक मंदिरों के साथ-साथ अन्य धरोहर पर्यटक के आकर्षण का केंद्र बनेंगे. कोटा में ना सिर्फ फिल्म टूरिज्म को लेकर बड़ी संभावनाएं हैं बल्कि चंबल सफारी और मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के साथ चंबल रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट, सेवन वंडर पार्क सहित सैलानियों के दिलों दिमाग में उतरने वाली कई धरोहर मौजूद हैं.
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