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राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री ने चेताया - डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से न हो किसी नवजात की मौत

राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि कि इस मामले को सीएम और सरकार बहुत गंभीरता से ले रही है.
राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि कि इस मामले को सीएम और सरकार बहुत गंभीरता से ले रही है.

जेके लोन अस्पताल (JK Lone Hospital) में पिछले 24 घंटों में 9 नवजात (newborns) शिशुओं की मौत के बाद जिला कलेक्टर ने एक जांच समिति बना दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 11, 2020, 9:10 PM IST
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कोटा. राजस्थान के कोटा (Kota) के जेके लोन अस्पताल (JK Lone Hospital) में पिछले 24 घंटों में 9 नवजात (newborns) शिशुओं की मौत के बाद जिला कलेक्टर ने एक जांच समिति बना दी है. इस मामले में जेके लोन अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक एससी दुलारा ने कहा कि 9 नवजात शिशुओं में से 3 यहां मृत लाए गए थे, 3 शिशु जन्म से ही बीमार थे और 2 को यहां रेफर किया गया था. इस मुद्दे पर राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री (Rajasthan Health Minister) रघु शर्मा (Raghu Sharma) ने कहा कि उन्होंने डॉक्टरों के नाम निर्देश जारी किया हैं. उन्होंने कहा है कि किसी भी परिस्थिति में डॉक्टरों की लापरवाही के कारण किसी नवजात की जान नहीं जानी चाहिए. उन्हें बता दिया है कि इस मामले को सीएम और सरकार बहुत गंभीरता से ले रही है.

मेडिकल स्टाफ पर लगाया लापरवाही का आरोप

आपको बता दें कि इन बच्चों की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा खड़ा कर मेडिकल स्टाफ पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था. दो नवजातों के परिजन उनके शव को लेकर अस्पताल परिसर में ही बैठे रहे थे. परिजनों का कहना है कि रात को रहने वाला स्टाफ सो जाता है. जब बच्चे की तबीयत बिगड़ी तो वे उनके पास लेकर गए. लेकिन उन्होंने कहा कि सुबह जब चिकित्सक आएंगे तब ही दिखाना. यहां तक कि वे लोग कहते हैं कि बच्चा नार्मल ही है. केवल इसी तरह से रोते हैं.







तीन बच्चों का जन्म जेके लोन में ही हुआ था

जिस एक नवजात की मौत हुई, उसके परिजन ने कहा कि लाख मिन्नतें करने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने किसी भी तरह का कोई ध्यान नहीं दिया और आखिर में बच्चे की मौत हो गई. बुधवार रात को जिन पांच बच्चों की मौत हुई है, उनमें गावड़ी, सिविल लाइंस कोटा, बूंदी के कापरेन और कैथून रोड रायपुरा कोटा के दो नवजात शामिल हैं. इनमें से तीन बच्चों का जन्म जेके लोन में ही हुआ था.

स्टाफ और चिकित्सक उन्हें डांट कर भगा देते हैं

परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में उनके नवजात की पूरी केयर नहीं की जा रही है. बार-बार कहने के बावजूद स्टाफ और चिकित्सक लापरवाही बरतते हैं. पूरी तरह से उपचार नहीं करते हैं. इसके चलते ही नवजातों की मौत हुई है. एक परिजन का तो यह भी कहना है कि वह रात को कई बार चिकित्सक को बुलाने गया, लेकिन वे नहीं आए. इसके चलते ही उनके नवजात की मौत हुई है. यहां पर लगा हुआ स्टाफ और चिकित्सक उन्हें डांट कर भगा देते हैं.
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