कोटा में भी कोचिंग संस्थान खुलवाने के लिए आंदोलन करने सड़कों पर उतरेंगे हॉस्टल संचालक

कोटा में कोचिंग का कारोबार करीब 3000 करोड़ रुपये का है.

Kota Coaching News: दूसरे राज्यों की तर्ज पर कोटा में भी कोचिंग सेंटर्स खुलवाने की मांग को लेकर हॉस्टल संचालक अब आंदोलन करेंगे. संचालकों का कहना है कि कोचिंग बंद होने से उनका व्यापार ठप है. कोटा में 3000 करोड़ के सालाना टर्नओवर वाली है कोचिंग इंडस्ट्री.

  • Share this:
कोटा. राजस्थान की शिक्षा नगरी कोटा में कोचिंग (Kota Coaching ) संस्थानों को खुलवाने की मांग को लेकर हॉस्टल संचालक (Hostel operator) अब सड़कों पर उतरेंगे. हॉस्टल संचालकों के संगठन कोटा बचाओ संघर्ष समिति के माध्यम से आंदोलन (Movement) का रास्ता अख्तियार कर दूसरे राज्यों की तर्ज पर कोचिंग संस्थान खुलवाने की मांग करेंगे. हॉस्टल्स संचालकों का कहना कि कोचिंग संस्थान बंद होने से उनकी आर्थिक स्थिति दिनोंदिन बिगड़ती चली जा रही है. 3000 करोड़ की कोचिंग इंडस्ट्री पर हजारों परिवारों की निर्भर हैं. अब जबकि हालात सामान्य होने लगे हैं और सरकार दूसरी तमाम चीजों में रियायत दे रही है तो कोचिंग संस्थानों को भी कोरोना गाइडलाइन के साथ शुरू किए जाने की अनुमति दी जानी चाहिए.

इस मसले को लेकर हॉस्टल्स संचालकों ने संयुक्त बैठक कर आंदोलन की रणनीति तैयार की है. हॉस्टल्स संचालकों ने सबकुछ सामान्य होने के बावजूद कोचिंग संस्थानों को शुरू नहीं करने को गलत ठहराया. उन्होंने अनलॉक की गाइडलाइन में शिक्षा के लिए कोई व्यवस्था नहीं करने की निंदा की.

कोचिंग बंद होने से बड़ा तबका प्रभावित
चंबल हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि कोरोना के चलते करीब डेढ़ साल से कोचिंग संस्थान बंद हैं. ऐसे में कोटा का बड़ा तबका इससे प्रभावित हो रहा है. सैकड़ों की तादाद में खाली पड़े हॉस्टल्स के साथ-साथ कोचिंग एरिया में बाजारों में दुकानदारों की आर्थिक स्थिति भी खराब हो गई है.

व्यापार ठप हो गया है
इससे पूर्व भी कोटा व्यापार महासंघ के साथ कोटा शहर के अन्य व्यापार संघ के सदस्यों ने भी कोचिंग संस्थानों को गाइडलाइन के साथ जल्द शुरू करने की मांग कर रखी थी. ग्रीन मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश जैन ने बताया कि कोटा में कोचिंग संस्थानों के बंद होने के बाद से व्यापार जगत को गहरा झटका लगा है. नए कोटा में जो कोचिंग एरिया का क्षेत्र है, वहां व्यापार जगत का छोटे से बड़ा तबके का बीते डेढ़ साल से कोचिंग स्टूडेंट्स के कोटा में नहीं आने से उनका व्यापार ठप हो गया है.

कोटा में कोचिंग अर्थव्यवस्था की रीढ़ है
कोटा में कोचिंग अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसे प्राथमिकता देते हुए शुरू किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है. देश में हरियाणा, गुजरात, छत्तीसगढ़ और झारखंड में कोचिंग शुरू की जा रही है, लेकिन राजस्थान में ऐसा नहीं किया जा रहा है. बैठक में कोटा हॉस्टल एसोसिएशन, चम्बल हॉस्टल एसोसिएशन, कोरल पार्क हॉस्टल एसोसिएशन और प्राइवेट स्कूल्स वेलफेयर सोसायटी के पदाधिकारियों ने भाग लिया.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.