कोचिंग सिटी कोटा की जेल के बंदी भी हैं पढ़ने-लिखने वाले, नवाचार कर निकालते हैं न्यूज लेटर

कोटा जेल के नवाचार के इन दिनों जेल विभाग में चर्चे हैं.

Innovation in Kota jail : बंदियों के लेख, कविताएं और जेल के अनुभव जेल के त्रैमासिक न्यूज लेटर में प्रकाशित हो रहे हैं. इसके जरिये कैदियों की अच्छी बातें समाज तक पहुंच रही हैं.

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कोटा. जेल का नाम आते ही अपराधियों/बंदियों (Prisoners) का चेहरा सामने आ जाता है. लेकिन कोटा जेल (Kota jail) का नवाचार (Innovation) बंदियों का दूसरा चेहरा उजागर कर रहा है. यह है कैदियों का उजला पक्ष. उनकी रचनात्मक सोच और अभिव्यक्ति की आजादी. जेल के त्रैमासिक न्यूज लेटर (Newsletter) में बंदियों के लेख, कविता और रचनाएं प्रकाशित हो रही हैं.

कोटा जेल आपत्तिजनक समानों के पकड़ने, क्षमता से अधिक कैदी होने से अव्यवस्थाओं या फिर बंदियों में वर्चस्व की लड़ाई के लिए चर्चित रहती है. जेल के इस नकारात्मक चेहरे को बंदियों द्वारा नवाचार से बदलने की कोशिश की जा रही है. जेल में बीते कई दिनों से जो नवाचार किए जा रहे हैं, वे जेल को प्रदेश की दूसरी जेलों से अलग पहचान दिलवा रहे हैं.

समाज तक पहुंच रही कैदियों की अच्छी बातें
इन्हीं नवाचारों में से एक नवाचार जेल में बंद बंदियों को अभिव्यक्ति की आजादी का भी बखूबी आभास करवा रहा है. बंदियों के अनुभव उनकी रचनात्मक कविताएं लेख और जेल के अनुभव को जेल प्रशासन न्यूज लेटर के नाम से प्रकाशित कर ना सिर्फ बंदियों की हौसला अफजाई कर रहा है, बल्कि बंदियों के जीवन में आए सुधार को भी समाज तक पहुंचाने की पहल कर रहा है.

न्यूज लेटर वाली राजस्थान की पहली जेल
जेल अधीक्षक सुमन मालीवाल बताती हैं कि कोटा जेल राजस्थान की पहली ऐसी जेल है, जहां न्यूज लेटर की शुरुआत साल 2018 में की गई थी. तब से ही लगातार न्यूज लेटर त्रैमासिक प्रकाशित किया जा रहा है. इसमें कोटा जेल में बंद बंदियों की रचनात्मक सोच के साथ उनके द्वारा तैयार की गई रचनात्मक पेंटिंग्स, उनके परिवार और समाज पर लिखे लेखों को प्रकाशित किया जा रहा है.

महिला बंदियों ने भी लिखे बेहतरीन लेख
जेल में महिला बंदियों ने भी समाज को संदेश देने वाले बेहतरीन लेख लिखे हैं. साथ ही डिजिटल माध्यम से भी बंदियों की रचनात्मक कलाओं को समाज तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं. जेल अधीक्षक के मुताबिक यहां बंदियों की संख्या 14 सौ से अधिक है. इनमें से कई बंदियो में कला और रचनात्मक कार्य करने का हुनर मौजूद है. न्यूज लेटर में केंद्रीय कारागृह राजस्थान द्वारा चलाए जाने वाले विभिन्न अभियानों के बारे में भी लेख और तस्वीरों को प्रकाशित किया जाता है. इसको राजस्थान कारागृह की सोशल साइट्स पर और यूट्यूब चैनल पर भी अपलोड किया जाता है.

जेल डीजी ने बंदियों के प्रयास की तारीफ की
राजस्थान के जेल डीजी राजीव दासोत ने बंदियों द्वारा दिए गए कंटेंट से तैयार किए जा रहे हैं न्यूज लेटर की सराहना की. साथ ही कोविड-19 के दौरान कोटा जेल द्वारा तैयार किए गए न्यूज लेटर का विमोचन भी किया.

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