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कोटा: 48 घंटे में 10 बच्चों की मौत से हरकत में आई गहलोत सरकार, अस्पताल अधीक्षक को हटाया

कोटा: 48 घंटे में 10 बच्चों की मौत से हरकत में आई गहलोत सरकार, अस्पताल अधीक्षक को हटाया

कोटा का जेके लोन अस्पताल (फाइल फोटो)

कोटा का जेके लोन अस्पताल (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) के निर्देश पर शुक्रवार को चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया कोटा पहुंचे और अधिकारियों के साथ बैठक की. उसके बाद देर रात जेके लॉन अस्पताल अधीक्षक डॉ. एचएल मीणा को हटा दिया गया. उनकी जगह डॉ. सुरेश दुलारा को नया अधीक्षक बनाया गया है

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कोटा. देश को सबसे ज्यादा डॉक्टर देने वाली कोचिंग सिटी के नाम से मशहूर कोटा (Kota) की चिकित्सा व्यवस्था (Medical System) सवालों के घेरे में है. कोटा के जेके लॉन अस्पताल (JK Lawn Hospital) में महज 48 घंटों में 10 बच्चों की मौत (Death) से जयपुर (Jaipur) से लेकर दिल्ली (Delhi) तक हड़कंप मच गया है. मासूम बच्चों की मौत को लेकर सियासत (Politics) भी गरमा गई है. राजनीतिक पार्टियों के बीच इस पर बयानबाजी और ट्वीटर वार (Twitter war) शुरू हो चुका है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) के निर्देश पर शुक्रवार को चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया कोटा पहुंचे और अधिकारियों के साथ बैठक की. उसके बाद देर रात जेके लॉन अस्पताल अधीक्षक डॉ. एचएल मीणा को हटा दिया गया. उनकी जगह डॉ. सुरेश दुलारा को नया अधीक्षक बनाया गया है. बता दें कि जेके लॉन अस्पताल में दिसंबर महीने में अभी तक 77 बच्चों की मौत हो चुकी है.

बच्चों की मौत की जांच 48 घंटे पूरी कर ली जाएगी
चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया ने कलक्टर ओमप्रकाश कसेरा, अस्पताल अधीक्षक और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से तमाम पहलुओं पर चर्चा करने के बाद बताया कि बच्चों की मौत की जांच 48 घंटे पूरी कर ली जाएगी. इसके साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वो मौजूदा संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर के आवश्यक सुविधाओं में सुधार के लिए टीम भावना से काम करें. गालरिया ने अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद तत्काल कुछ निर्णय लिए हैं ताकि व्यवस्थाओं में सुधार हो सके.



बैठक में लिए गए ये अहम निर्णय 
- अस्पताल में उपलब्ध उपकरणों की मरम्मत हो सके इसके लिए बीएसबीवाई एवं आरएमएसआर से राशि ली जाएगी
- एनआईसीयू में ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए पाइप लाइन डाली जाएगी
- पीड्रियाट्रिक वार्ड के विभागध्यक्ष स्थाई रूप से जेके लॉन अस्पताल में ही सेवाएं देंगे
- नर्सिग स्टॉफ की कमी को पूरा करने के लिए संविदा के आधार पर सेवाएं ली जाएंगी
- एनआईसीयू से जांच के नमूने लेने के लिए फ्रिक्वैंसी बढ़ाई जाएगी
- अस्पताल के वार्डों में प्रशिक्षित स्टॉफ को अनावश्यक रूप से वहां से नहीं हटाया जाएगा

लोकसभा स्पीकर ने जताई चिंता, राज्य सरकार को दिए निर्देश
इस मसले को लेकर बीजेपी के स्थानीय नेता राज्य की कांग्रेस सरकार पर निशाना साध रहे हैं. वहीं कोटा से सांसद और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इस पर चिंता जताते हुए ट्वीट कर कहा कि राज्य सरकार इस मामले में फौरन कार्रवाई करे. वहीं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावेड़कर ने राहुल गांधी पर 10 बच्चों की मौत पर तंज कसते प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया है. जबकि पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने भी इस मामले में सरकार पर सवाल उठाए हैं.  बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने भी राज्य सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया है. वो शनिवार को अस्पताल का दौरा करेंगे.




बाल आयोग संरक्षण आयोग ने मांगी रिपोर्ट
दूसरी तरफ यूडीएच मंत्री शाति धारीवाल ने मामले को गंभीर मानते हुए कहा कि बच्चों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जेके लॉन अस्पताल में दिसंबर महीने में 77 बच्चों की मौत हो चुकी है. इनमें पिछले दिनों 10 बच्चों की मौत महज 48 घंटों (23 और 24 दिसंबर) में हो गई थी. राज्य बाल आयोग संरक्षण आयोग ने भी इसे गंभीर माना है. आयोग ने इस मामले में जिला कलक्टर को जांच करवाकर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं.



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Tags: Ashok gehlot, BJP, Congress, Kota news, Medical, Om Birla, Rajasthan news

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