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कोटा: जेके लोन अस्पताल में 3 और नवजात की मौत, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुलाई बैठक

नवजात बच्चों की मौत पर बिरला ने शोक प्रकट किया और अस्पताल में उचित निगरानी किए जाने पर जोर दिया. (फाइल फोटो)
नवजात बच्चों की मौत पर बिरला ने शोक प्रकट किया और अस्पताल में उचित निगरानी किए जाने पर जोर दिया. (फाइल फोटो)

कोटा-बूंदी से सांसद एवं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) ने कोटा में अपने कार्यालय में जिला प्रशासन और चिकित्सा अधिकारियों की शुक्रवार को बैठक बुलाई, जिसमें उन्होंने नवजात बच्चों की मौत के कारण के बारे में पूछा और अधिकारियों को अस्पताल की स्थिति में सुधार करने का निर्देश दिया.

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कोटा. राजस्थान में कोटा (Kota) शहर के एक सरकारी अस्पताल में शुक्रवार को तीन और नवजात शिशुओं की मौत हो गई. इसके साथ ही, अस्पताल में पिछले दो दिनों में होने वाली इस तरह की मौतों की संख्या बढ़ कर 12 हो गई. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. जेके लोन अस्पताल (JK Lone Hospital) में बृहस्पतिवार को नौ नवजात शिशुओं की मौत हो गई थी. ये सभी एक से चार दिनों के थे.अस्पताल के अधीक्षक सुरेश चंद दुलारा ने बताया कि शुक्रवार को तीन और नवजात शिशुओं की मौत (Newborn Deaths) हो गई जिनमें से दो, एक दिन के थे और एक अन्य एक महीने का था.

कोटा-बूंदी से सांसद एवं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोटा में अपने कार्यालय में जिला प्रशासन और चिकित्सा अधिकारियों की शुक्रवार को बैठक बुलाई, जिसमें उन्होंने नवजात बच्चों की मौत के कारण के बारे में पूछा और अधिकारियों को अस्पताल की स्थिति में सुधार करने का निर्देश दिया. नवजात बच्चों की मौत पर बिरला ने शोक प्रकट किया और अस्पताल में उचित निगरानी किए जाने पर जोर दिया. बैठक के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “मैंने अस्पताल प्रशासन से बात की है और मामले पर रिपोर्ट मांगी है. जो भी बात सामने आएगी ,उन पर मैं राज्य सरकार से चर्चा करूंगा.” अधिकारियों ने बताया कि राजस्थान सरकार ने अस्पताल में नवजात बच्चों की मौत की जांच के लिए शुक्रवार को चार सदस्यीय एक समिति का गठन किया.

15 दिन में मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं
वहीं, कल खबर सामने आई थी कि कोटा के जेके लोन अस्पतालमें नवजातों की मौत का मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान लेते हुए घटना की जांच करवाने का निर्णय लिया है. मीडिया में आई खबरों के आधार पर घटना की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने मामले में प्रसंज्ञान लिया है. आयोग के सचिव बीएल मीणा और रजिस्ट्रार ओमी पुरोहित मामले की जांच करेंगे. आयोग अध्यक्ष जस्टिस महेश चन्द्र शर्मा ने 15 दिन में मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं.
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